कोल इंडिया लिमिटेड (CIL) प्रबंधन ने एग्जिक्यूटिव जॉब रोटेशन व ट्रांसफर पॉलिसी में संशोधन करते हुए नया आदेश जारी किया है। जारी कार्यालय आदेश के अनुसार पदोन्नति के साथ होने वाले तबादलों और अधिकारियों को अस्थायी रूप से रोकने के प्रावधानों में बदलाव किया गया है।
नए प्रावधान के तहत ई- 5 से ई- 6 ग्रेड में पदोन्नति पाने वाले अधिकारियों का एक सहायक कंपनी से दूसरी सहायक कंपनी में तबादला अनिवार्य होगा। हालांकि जिन अधिकारियों ने अनुरोध के आधार पर ट्रांसफर लिया है और अभी निर्धारित कार्यकाल पूरा नहीं किया है, उन्हें अस्थायी रूप से वर्तमान कंपनी में पदभार ग्रहण करने की अनुमति दी जा सकती है। तय अवधि पूरी होने के बाद उन्हें अनिवार्य रूप से स्थानांतरित कंपनी में योगदान देना होगा।
आदेश में यह भी प्रावधान किया गया है कि किसी भी सहायक कंपनी के सीएमडी को परिचालन जरूरतों को देखते हुए अधिकतम पांच प्रतिशत अधिकारियों को पदोन्नति के बाद अस्थायी रूप से रोकने का अधिकार होगा। यह रोक अधिकतम एक वर्ष तक ही प्रभावी रहेगी। इसके बाद संबंधित अधिकारी को स्थानांतरित कंपनी में ज्वाइन करना अनिवार्य होगा। इस अवधि के बाद न तो विस्तार दिया जाएगा और न ही पदोन्नति रद्द करने की अनुमति होगी।
15 वर्षों से एक ही इकाई में जमे हैं 1954 अधिकारी
कंपनी में 1954 की संख्या में ऐसे अधिकारी हैं तो एक ही इकाई में 15 वर्षों से अधिक समय से तैनात हैं। इनमें बीसीसीएल में 191, सीसीएल में 250, इसीएल में 201, एमसीएल में 216, एनसीएल में 147, एनईसी में 7, एसईसीएल में 451, डब्ल्यूसीएल में 352 अधिकारी शामिल हैं।
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