कोलकाता | IndustrialPunch : कोल इंडिया लिमिटेड (CIL) की जुलाई 2026 की Single Window Mode Agnostic (SWMA) ई-नीलामी में कोयले की मजबूत मांग देखने को मिली। कंपनी द्वारा जारी अंतरिम आंकड़ों के अनुसार, जुलाई माह में ई-ऑक्शन के तहत आवंटित कोयले को नोटिफाइड कीमत से औसतन 41% अधिक (प्रीमियम) मूल्य प्राप्त हुआ। साथ ही, कुल उपलब्ध कराई गई मात्रा के मुकाबले लगभग 33% कोयले का आवंटन हुआ।
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कंपनी के अनुसार, जुलाई में विभिन्न सहायक कंपनियों ने कुल 251.85 लाख टन कोयला ई-नीलामी के लिए उपलब्ध कराया था, जिसमें से लगभग 83.95 लाख टन का आवंटन हुआ। मजबूत प्रीमियम यह संकेत देता है कि गैर-विनियमित (Non-Regulated) क्षेत्र और स्पॉट मार्केट में कोयले की मांग अभी भी मजबूत बनी हुई है।
इस दौरान Northern Coalfields Limited (NCL) का प्रदर्शन सबसे उल्लेखनीय रहा। कंपनी ने ई-नीलामी में 100% आवंटन दर्ज किया और उसे नोटिफाइड कीमत से लगभग 162% प्रीमियम प्राप्त हुआ, जो सभी सहायक कंपनियों में सबसे अधिक रहा।
वित्त वर्ष 2026-27 (अप्रैल–जुलाई) की संचयी अवधि में भी Coal India का प्रदर्शन मजबूत रहा। इस दौरान कंपनी ने 1,081 लाख टन कोयला ई-ऑक्शन के लिए उपलब्ध कराया, जिसमें से 394.64 लाख टन का आवंटन हुआ। कुल आवंटन दर 37% रही और औसत प्रीमियम 43% दर्ज किया गया।
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विशेषज्ञों का मानना है कि ई-ऑक्शन में लगातार ऊंचा प्रीमियम Coal India की मजबूत बाजार स्थिति, बेहतर मूल्य प्राप्ति और गैर-विनियमित क्षेत्रों से बनी हुई मांग का संकेत है। इससे कंपनी की राजस्व प्राप्ति और लाभप्रदता को भी मजबूती मिल सकती है।
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