Thursday, August 6, 2026
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JBCCI- XII से पहले बड़ा खुलासा, Apex JCC मिनट्स में सामने आई CIL प्रबंधन और यूनियनों की असली बहस

5 जून 2026 की बैठक के आधिकारिक मिनट्स सार्वजनिक, यूनियनों ने JBCCI-12 गठन में देरी पर जताई चिंता, प्रबंधन ने लेबर कोड के तहत आगे बढ़ने के दिए संकेत

5 जून को आयोजित हुई जेसीसी बैठक की तस्वीर (file photo)
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कोलकाता | IndustrialPunch : Coal India Limited (CIL) ने 5 जून, 2026 को कोलकाता मुख्यालय में आयोजित Apex Joint Consultative Committee (Apex JCC) की बैठक के आधिकारिक ड्राफ्ट मिनट्स जारी कर दिए हैं।

इन मिनट्स से स्पष्ट होता है कि बैठक में JBCCI- XII के गठन, NCWA- XII वेतन समझौते, नए लेबर कोड्स, यूनियन प्रतिनिधित्व, कोयला उत्पादन, स्टॉक और रेलवे रेक की उपलब्धता जैसे कई महत्वपूर्ण मुद्दों पर विस्तृत चर्चा हुई।

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सबसे महत्वपूर्ण बात यह रही कि JBCCI- XII के गठन को लेकर सभी केंद्रीय ट्रेड यूनियनों ने एक स्वर में शीघ्र कार्रवाई की मांग उठाई, जबकि Coal India प्रबंधन ने स्पष्ट किया कि आगे की प्रक्रिया Labour Codes के कानूनी ढांचे के अनुरूप आगे बढ़ाई जाएगी।

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JBCCI- XII गठन में देरी पर यूनियनों ने जताई नाराजगी

बैठक में AITUC, HMS, CITU और BMS सहित सभी केंद्रीय ट्रेड यूनियनों ने कहा कि NCWA- XI की अवधि समाप्त होने वाली है, इसलिए JBCCI- XII का गठन बिना किसी देरी के किया जाना चाहिए, ताकि नए वेतन समझौते (NCWA- XII) की वार्ता समय पर शुरू हो सके।

यूनियन नेताओं ने आशंका जताई कि यदि गठन में और देरी हुई तो लाखों कोयला कर्मचारियों के वेतन संशोधन पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ सकता है।

लेबर कोड पर प्रबंधन का स्पष्ट संकेत

बैठक में Director (HR), CIL ने बताया कि केंद्र सरकार द्वारा चारों Labour Codes के नियम अधिसूचित किए जा चुके हैं, इसलिए Coal India को भविष्य की सभी प्रक्रियाएं नए कानूनी ढांचे के अनुरूप तैयार करनी होंगी।

Chairman, Coal India ने भी कहा कि आगामी NCWA- XII और JBCCI- XII की प्रक्रिया अब Labour Codes के प्रावधानों को ध्यान में रखकर आगे बढ़ेगी।

यूनियनों का विरोध – “जल्दबाजी नहीं हो”

  • Labour Codes को लागू करने में जल्दबाजी न की जाए।
  • Coal India की 50 वर्षों पुरानी औद्योगिक संबंध व्यवस्था को अचानक समाप्त नहीं किया जाना चाहिए।
  • Negotiating Union एवं Secret Ballot जैसी नई व्यवस्थाओं पर पहले विस्तृत चर्चा हो।
  • Labour Ministry के अंतिम निर्णय तक वर्तमान व्यवस्था जारी रखी जाए।

BMS, HMS, AITUC और CITU प्रतिनिधियों ने यह भी कहा कि भारत के अधिकांश सार्वजनिक उपक्रमों में अभी Labour Codes का पूर्ण क्रियान्वयन शुरू नहीं हुआ है, इसलिए Coal India को भी चरणबद्ध तरीके से आगे बढ़ना चाहिए।

बैठक में CIL Chairman ने क्या कहा?

  • Coal India देश की सबसे बड़ी औद्योगिक इकाइयों में से एक है।
  • Labour Codes लागू होने के बाद कानूनी अनुपालन अनिवार्य हो गया है।
  • सभी निर्णय पारदर्शिता और ट्रेड यूनियनों से चर्चा के बाद लिए जाएंगे।
  • औद्योगिक शांति बनाए रखना प्रबंधन की प्राथमिकता रहेगी।

उत्पादन और डिस्पैच का लक्ष्य भी रखा सामने

बैठक में प्रबंधन ने बताया कि वित्त वर्ष 2026-27 के लिए कोयला उत्पादन लक्ष्य – 815 मिलियन टन, कोयला डिस्पैच लक्ष्य – 850 मिलियन टन निर्धारित किया गया है।

प्रबंधन ने यह भी जानकारी दी कि अप्रैल 2026 में Coal India का कोयला स्टॉक लगभग 130 मिलियन टन तक पहुंच गया था, जिसे वर्ष के अंत तक घटाकर लगभग 70-80 मिलियन टन करने का लक्ष्य रखा गया है।

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रेलवे और SECL का मुद्दा भी उठा

बैठक में SECL क्षेत्र में पिछले कई वर्षों से रेलवे नेटवर्क में बनी भीड़ (Congestion) का मुद्दा उठाया गया। प्रबंधन ने बताया कि रेलवे मंत्रालय के साथ लगातार समन्वय किया जा रहा है ताकि रेक उपलब्धता में सुधार हो सके।

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