Tuesday, October 6, 2026
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ECL की सिदुली कोलियरी में अचानक घुसा पानी, खदान में मची अफरा-तफरी, दो कर्मचारी घायल

West Bengal के अंडाल स्थित ECL की सिदुली कोलियरी में अचानक पानी घुसने से अफरा-तफरी मच गई। दो कर्मचारी पानी के बहाव की चपेट में आकर घायल हुए।

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पश्चिम बर्धमान। IndustrialPunch : पश्चिम बंगाल के अंडाल क्षेत्र में ईस्टर्न कोलफील्ड्स लिमिटेड (ECL) की सिदुली कोलियरी में सोमवार को अचानक पानी घुसने से खदान के भीतर अफरा-तफरी मच गई। घटना के बाद खदान में काम कर रहे कर्मचारियों में दहशत फैल गई और सुरक्षा के मद्देनजर कर्मचारियों को बाहर निकालने की कार्रवाई शुरू की गई।

प्राप्त जानकारी के अनुसार, खदान के अंदर अचानक पानी का तेज बहाव शुरू हुआ। पानी आता देखकर वहां काम कर रहे कर्मचारियों ने तत्काल बाहर निकलने की कोशिश की। इसी दौरान दो कर्मचारी पानी के बहाव की चपेट में आ गए और घायल हो गए। दोनों को बाहर निकालकर उपचार के लिए अस्पताल भेजे जाने की जानकारी सामने आई है।

पानी के तेज बहाव से मची भगदड़

बताया जा रहा है कि खदान के भूमिगत हिस्से में अचानक पानी का प्रवेश हुआ। कुछ ही समय में पानी का बहाव तेज हो गया, जिसके बाद कर्मचारियों के बीच अफरा-तफरी की स्थिति बन गई। घटना की सूचना मिलते ही प्रबंधन और संबंधित अधिकारियों ने सुरक्षा व्यवस्था संभाली।

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घटना के दौरान एक माइनिंग सरदार और एक पंप खलासी के पानी के बहाव की चपेट में आने की जानकारी सामने आई है। दोनों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया। घटना में उन्हें चोटें आई हैं और उपचार कराया जा रहा है।

ECL की खदान है सिदुली कोलियरी

सिदुली कोलियरी ईस्टर्न कोलफील्ड्स लिमिटेड (ECL) के अंतर्गत आती है। ECL कोल इंडिया लिमिटेड की प्रमुख अनुषंगी कंपनियों में शामिल है और पश्चिम बंगाल के रानीगंज कोलफील्ड क्षेत्र में इसका बड़ा खनन संचालन है।
सिदुली कोलियरी में पानी घुसने की घटना के बाद खदान की सुरक्षा व्यवस्था और भूमिगत जल प्रवेश के कारणों को लेकर अधिकारियों द्वारा स्थिति का जायजा लिया जा रहा है।

सुरक्षा व्यवस्था पर फिर उठे सवाल

भूमिगत कोयला खदानों में अचानक पानी का प्रवेश गंभीर सुरक्षा चुनौती माना जाता है। ऐसे मामलों में पानी के स्रोत की पहचान, पंपिंग व्यवस्था और कर्मचारियों की सुरक्षित निकासी बेहद महत्वपूर्ण होती है।

घटना के बाद अब यह पता लगाने पर जोर है कि खदान में पानी अचानक कहां से और किस वजह से पहुंचा। प्रबंधन की जांच के बाद ही घटना के वास्तविक कारणों और नुकसान की स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।

बड़ा हादसा टला

गनीमत रही कि समय रहते कर्मचारियों को बाहर निकालने की कार्रवाई शुरू कर दी गई। हालांकि दो कर्मचारियों के घायल होने से घटना की गंभीरता सामने आती है। फिलहाल प्राथमिकता खदान में सुरक्षा सुनिश्चित करने और पानी के प्रवेश को नियंत्रित करने की है।

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