नई दिल्ली/सिंगरौली। Northern Coalfields Limited (NCL) के पूर्व अध्यक्ष-सह-प्रबंध निदेशक (CMD) Bhola Singh के खिलाफ प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने धन शोधन निवारण अधिनियम (PMLA), 2002 के तहत अभियोजन शिकायत (Prosecution Complaint) दायर की है। यह कार्रवाई CBI द्वारा दर्ज एफआईआर के आधार पर की गई विस्तृत जांच के बाद की गई है।
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ED के अनुसार, मामले की जांच में कथित वित्तीय अनियमितताओं और संदिग्ध लेन-देन से जुड़े पहलुओं की पड़ताल की गई। एजेंसी ने CBI की प्राथमिकी में दर्ज आरोपों के आधार पर मनी लॉन्ड्रिंग के एंगल की जांच शुरू की थी। जांच पूरी होने के बाद अब विशेष PMLA अदालत में अभियोजन शिकायत प्रस्तुत की गई है।
अभियोजन शिकायत दायर होने का अर्थ यह है कि जांच एजेंसी ने अपने स्तर पर उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर अदालत के समक्ष मामला प्रस्तुत कर दिया है। अब इस पर आगे की कानूनी प्रक्रिया विशेष अदालत के समक्ष चलेगी। अदालत द्वारा शिकायत पर संज्ञान लेने और आगे की सुनवाई के बाद ही मामले की अगली दिशा तय होगी।
यह मामला कोयला क्षेत्र में पारदर्शिता और जवाबदेही के संदर्भ में महत्वपूर्ण माना जा रहा है। केंद्रीय एजेंसियों की कार्रवाई पर पूरे कोयला उद्योग और सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रमों की नजर बनी हुई है। यदि जांच के दौरान नए तथ्य सामने आते हैं, तो मामले में आगे और कानूनी कार्रवाई भी संभव है।
हालांकि, यह उल्लेखनीय है कि अभियोजन शिकायत दायर किया जाना किसी व्यक्ति के दोषी सिद्ध होने के समान नहीं है। अंतिम निर्णय सक्षम न्यायालय द्वारा साक्ष्यों और सुनवाई के आधार पर दिया जाएगा।
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कोयला क्षेत्र से जुड़े जानकारों का मानना है कि इस प्रकरण की प्रगति पर उद्योग जगत की विशेष नजर रहेगी, क्योंकि इसका प्रभाव प्रशासनिक जवाबदेही और सार्वजनिक उपक्रमों में सुशासन से जुड़े विमर्श पर भी पड़ सकता है।
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