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रायपुर, 05 जुलाई। चालू वित्तीय वर्ष की पहली तिमाही में छत्तीसगढ़ राज्य में स्थित एनटीपीसी कोरबा एवं सीपत संयंत्र के प्रदर्शन में बीते साल के मुकाबले गिरावाट आई है। जबकि लारा प्लांट के प्रदर्शन में सुधार हुआ है।

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एनटीपीसी कोरबा

2600 मेगावाट क्षमता वाले एनटीपीसी कोरबा से पहली तिमाही में 5022 मिलियन यूनिट बिजली का उत्पादन हुआ। जबकि समान अवधि में पिछले साल 5542 मिलियन यूनिट बिजली पैदा की गई थी। कोरबा संयंत्र का प्लांट लोड फैफ्टर (PLF) 88.44 प्रतिशत दर्ज किया गया। 2021-22 की पहली तिमाही में पीएलफ 97.61 फीसदी था। इस साल इसमें नौ फीसदी की गिरावट आई।

एनटीपीसी सीपत

एनटीपीसी सीपत का पहली तिमाही में सबसे ज्यादा खराब प्रदर्शन रहा। उत्पादन और पीएलएफ दोनों में गिरावट आई है। 2980 मेगावाट क्षमता वाले संयंत्र से 4178.76 मिलियन यूनिट बिजली का उत्पादन हुआ। टारगेट 6002 मिलियन यूनिट का था। पिछले वित्तीय वर्ष के समान अवधि में 5932 मिलियन यूनिट बिजली का उत्पादन किया गया था। सीपत संयंत्र के प्लांट लोड फैक्टर में जबरदस्त गिरावट आई है। पहली तिमाही में पीएलएफ 64.21 फीसदी रहा। जबकि बीते साल समान अवधि में पीएलएफ 91.14 प्रतिशत था।

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एनटीपीसी लारा

रायगढ़ जिले में स्थित 1600 मेगावाट क्षमता वाले लारा संयंत्र से पहली तिमाही में 2984 मिलियन यूनिट बिजली उत्पादन हुआ। लक्ष्य 2521 मिलियन यूनिट का था। 2021-22 की पहली तिमाही में 2948 मिलयन यूनिट बिजली उत्पादन हुआ था। लारा संयंत्र का प्लांट लोड फैक्टर 85.40 प्रतिशत रहा। बीते साल समान अवधिमें पीएलएफ 84.38 प्रतिशत था।

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