PS MISHRA CMD SECL
PS MISHRA CMD SECL

भारत के कोयला उत्पादन क्षेत्र में प्रमुख, साउथ ईस्टर्न कोलफील्ड्स लिमिटेड (SECL) ने देश की ऊर्जा ग्रिड में एक महत्वपूर्ण योगदानकर्ता के रूप में अपनी पहचान बनाई है। छत्तीसगढ़ और मध्य प्रदेश से कार्यरत एसईसीएल ने, सस्टेनेबल माइनिंग के प्रति सजग रहते हुए ,देश की ऊर्जा जरूरतों को पूरा किया है।

एसईसीएल के मूल उद्देश्यों और संचालन में कॉर्पोरेट सोशल रेस्पोन्सिबिलिटी (CSR) एक महत्त्वपूर्ण और अहम् भूमिका रखती है।

पिछले चार वर्षों में, एसईसीएल ने अपनी खनन परियोजनाओं के आसपास के क्षेत्रों में सतत विकास और सर्वांगीण विकास को प्राथमिकता देते हुए,अपनी एक जिम्मेदार छवि बनाई है।

नए कंपनी अधिनियम के तहत सीएसआर अनिवार्य है परन्तु एसईसीएल ने सामुदायिक विकास के दायित्वों को समझते हुए कई वर्षों पहले ही यह पहल शुरू कर दी थी। हमारे इसी समर्पण भाव ने, कंपनी और आसपास के समुदायों के बीच एक मजबूत बंधन सा बना दिया है।

एसईसीएल कई क्षेत्रों में सीएसआर गतिविधियों का संचालन करते रहे हैं जैसे स्वास्थ्य देखभाल, शिक्षा, आजीविका वृद्धि, ग्रामीण विकास, पर्यावरण संरक्षण, खेल प्रोत्साहन, विरासत संरक्षण, कला और संस्कृति, स्वच्छता, दिव्यांगों और पूर्व सैनिकों का कल्याण और भी बहुत कुछ।

नियमों के दायरे में रहकर भी, स्थानीय समुदायों के जीवन में सार्थक बदलाव लाने का हमारा उद्देश्य सफल रहा है।

‘विकसित भारत’ और ‘डिजिटल भारत’ की परिकल्पना करने वाले प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी के नेतृत्व में, एसईसीएल ने परिवर्तनकारी पहल शुरू की है। एसईसीएल की पहलों में प्रमुख है ‘पीएम ई-विद्या पहल’ जिसके तहत कोरबा, रायगढ़ और उमरिया जिलों के सरकारी स्कूलों में 782 स्मार्ट क्लासरूम की स्थापना की गई। यह स्मार्ट क्लासरूम 12वीं कक्षा तक के बच्चों के लिए, डिजिटल लर्निंग के अवसर प्रदान करने के लिए तैयार किए गए हैं।
17.98 करोड़ के बजट के साथ, इस प्रयास ने सालाना 95,000 से अधिक छात्रों की ज़िन्दगी में सकारात्मक बदलाव किया है , जिससे डिजिटल शिक्षा के एक नए युग की शुरुआत हुई है।

इसके अलावा, शैक्षिक सशक्तिकरण के लिए “एसईसीएल के सुश्रुत” नामक पहल की शुरुआत हुई है, जो 40 अल्पसुविधा छात्रों को मुफ्त एनईईटी कोचिंग, बोर्डिंग और आवास सुविधाएं प्रदान करती है। इस पहल से ना सिर्फ उन बच्चों को प्रोत्साहन मिलता है जो मेडिकल प्रोफेशन में जाना चाहते हैं, बल्कि इससे शिक्षा में समान अवसरों को बढ़ावा मिलता है और देश के विकास एजेंडे में योगदान भी हो जाता है।

प्रधानमंत्री के युवा-केंद्रित विकास के दृष्टिकोण के समर्थन में, SECL ने सेंट्रल इंस्टीट्यूट ऑफ पेट्रोकेमिकल्स इंजीनियरिंग एंड टेक्नोलॉजी (CIPET) जैसे संस्थानों के साथ सहयोग करते हुए, स्किल डेवलपमेंट की पहल शुरू की है। इन प्रयासों के माध्यम से, एसईसीएल ने 1200 से अधिक लाभार्थियों को स्किल डेवलपमेंट ट्रेनिंग दी है, जिससे 90 प्रतिशत तक की प्लेसमेंट दर हासिल हुई है।

इसके अलावा, पीएम विश्वकर्मा योजना के तहत, एसईसीएल ने स्वरोजगार और आर्थिक स्वतंत्रता को बढ़ावा देते हुए, सिलाई मशीन प्रशिक्षण और वितरण करके अनूपपुर जिले में 50 महिलाओं को सशक्त बनाया है।

एसईसीएल ने कई स्वास्थ्य सेवाओं में भी पहल की हैं, जिसके अंतर्गत सीआईएमएस, बिलासपुर, सरकारी मेडिकल कॉलेज अंबिकापुर, और जिला अस्पताल, बैकुंठपुर को सीटी स्कैन और एमआरआई मशीनें प्रदान की गयीं।
साथ ही एडवांस्ड लाइफ सपोर्ट एम्बुलेंस, कोविड टेस्टिंग प्रयोगशालाएं और अस्पतालों में विशेष कोविड देखभाल केंद्र स्थापित करने की भी सुविधा प्रदान की है। इसके अलावा , एसईसीएल ने ग्राम स्वास्थ्य शिविरों का आयोजन करके सामुदायिक स्वास्थ्य सेवा की ओर भी एक सक्रिय कदम बढ़ाया है।

कंपनी ने COVID-19 महामारी से निपटने और इसके प्रभाव को कम करने के लिए छत्तीसगढ़ और मध्य प्रदेश में जिला प्रशासन के साथ सहयोग किया है।.

प्रधान मंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी और केंद्रीय कोयला मंत्री श्री प्रल्हाद जोशी जी के विकासात्मक दृष्टिकोण से प्रेरित होकर, एसईसीएल अपने सीएसआर ज़िम्मेदारियों के अंतर्गत सतत विकास और सर्वांगीण विकास के लिए सदैव प्रतिबद्ध है। प्रत्येक पहल के साथ, एसईसीएल राष्ट्र की सेवा और समाज के उत्थान के लिए तत्पर है। एसईसीएल के लिए सीएसआर, सामाजिक गतिविधियों में वित्तीय निवेश से कई अधिक है, इसमें व्यवसाय और सामाजिक प्रक्रियाओं का संयोजन निहित है, जो समग्र विकास के आधार पर स्थित है।

(डॉ प्रेम सागर मिश्रा)
अध्यक्ष सह प्रबंध निदेशक
साऊथ ईस्टर्न कोलफ़ील्ड्स लिमिटेड

  • Website Designing