Gold price : बीते कुछ वर्षों में सोना निवेशकों के लिए न सिर्फ सुरक्षित विकल्प बना, बल्कि जबरदस्त रिटर्न देने वाली एसेट भी साबित हुआ। जहां जून 2019 में सोने की कीमत ₹34,200 प्रति 10 ग्राम थी, वहीं जुलाई 2025 तक यह आंकड़ा ₹97,800 को पार कर चुका है।
यह करीब 200% की बढ़ोतरी है। अब सवाल है क्या आने वाले 5 वर्षों में यह तेजी जारी रहेगी? एक्सपर्ट्स का जवाब है – हां, और शायद इससे भी ज्यादा।
मार्केट एक्सपर्ट्स मानते हैं कि वैश्विक अनिश्चितताओं, बढ़ती महंगाई, डॉलर में कमजोरी और सेंट्रल बैंकों की सोने में बढ़ती दिलचस्पी इस तेजी के मुख्य कारण हैं।
विशेषज्ञों के मुताबिक सोने की कीमतें अगले पांच सालों में ₹1.35 लाख से ₹2.25 लाख प्रति 10 ग्राम तक जा सकती हैं, बशर्ते मौजूदा ट्रेंड बरकरार रहे।
एक इन्वेस्टमेंट कंपनी के हेड का कहना है कि, “रूस-यूक्रेन युद्ध के बाद वैश्विक सेंट्रल बैंकों ने सोने को रणनीतिक संपत्ति के तौर पर अपनाना शुरू किया।
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डॉलर पर भरोसे में गिरावट और बढ़ते जियोपॉलिटिकल तनावों ने सोने की मांग को मजबूती दी है।” वहीं एक अन्य एक्सपर्ट का कहना है कि, “COVID-19 के बाद की आर्थिक नीतियों जैसे कि ब्याज दरों में कटौती और अनलिमिटेड मनी प्रिंटिंग ने महंगाई को बढ़ाया। इससे सोना एक नेचुरल हेज बन गया।”
एक्सपर्ट्स का मानना है कि सोने की कीमतें 2025 से 2030 के बीच ₹1.35 लाख से ₹1.40 लाख प्रति 10 ग्राम तक पहुंच सकती हैं।
हालांकि, उनका कहना हैं कि इस दौरान वॉलेटिलिटी यानी उतार-चढ़ाव देखने को मिलेगा। इसके उल्ट दुसरे एक्सपर्ट के अनुसार अगर पिछले पांच सालों का 18% सालाना रिटर्न (CAGR) बना रहा, तो कीमतें ₹2.25 लाख प्रति 10 ग्राम तक जा सकती हैं।
निवेशकों के लिए क्या है रणनीति?
विशेषज्ञों की सलाह है कि सोने में निवेश सिस्टमैटिक और लंबी अवधि के नजरिए से किया जाए। कीमतें गिरने पर खरीदारी का मौका माना जाए और एक डायवर्सिफाइड पोर्टफोलियो में 10-15% हिस्सा सोने को दिया जाए।
आने वाले पांच वर्षों में सोने की कीमतों में बढ़ोतरी की अच्छी संभावना दिख रही है। अगर आप भी अपने पोर्टफोलियो को स्थिरता और सुरक्षा देना चाहते हैं, तो सोना आपके लिए एक मजबूत विकल्प हो सकता है। बस निवेश करते वक्त धैर्य और रणनीति का साथ न छोड़ें।









