HMS नेता पांडेय बोले- स्ट्राइक की क्या जरूरत, CIL से पहले कन्फर्म करना था, हड़ताल का लिख दिया है तो ठीक है

श्री पांडेय ने कहा कि चुंकि हमारे लोगों ने लिख दिया है तो इससे वे असहमत नहीं हैं।

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नई दिल्ली, 14 सितम्बर। कोयला उद्योग में तीन दिवसीय हड़ताल का नोटिस दिए जाने से HMS के वरिष्ठ नेता एवं जेबीसीसीआई सदस्य नाथूलाल पांडेय ने असहमति जताई है। उन्होंने कहा कि स्ट्राइक की क्या जरूरत है।

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गुरुवार की देर शाम नाथूलाल पांडेय ने industrialpunch.com से चर्चा करते हुए कहा कि जिन बातों का उल्लेख कर स्ट्राइक का नोटिस दिया गया है, पहले उसे कोल इंडिया (CIL) प्रबंधन से कन्फर्म कर लेना चाहिए था। श्री पांडेय ने सवाल किया कि क्या सीआईएल प्रबंधन ने पेमेंट नहीं देने का कोई नोटिस जारी किया है? या कहा है कि एरियर वापस ले लिया जाएगा? यदि प्रबंधन ऐसा कोई भी कदम उठाता है तो नियमतः उसे सेक्शन 9 के तहत सूचना जारी करनी होगी। कोल इंडिया प्रबंधन कह रहा है कि हम कोई पेमेंट वापस नहीं लेंगे, क्यों न हमारे ऊपर अवमानना (Contempt) हो जाए। ऐसे में स्ट्राइक की क्या जरूरत है। श्री पांडेय ने कहा कि चुंकि हमारे लोगों ने लिख दिया है तो इससे वे असहमत नहीं हैं। एचएमएस नेता ने कहा कि 9.4.0, समान ग्रेच्युटी भुगतान जैसी बातों को भी जोड़ा जाना चाहिए था।

यहां बताना होगा कि रांची में हुई पांचों यूनियन की बैठक में अस्वस्थ होने के कारण नाथूलाल पांडेय उपस्थित नहीं थे। उनके प्रतिनिधि ने हड़ताल की सूचना पर हस्ताक्षर किए थे। गुरुवार की दोपहर को रांची में कोल सेक्टर के पांचो प्रमुख श्रमिक संगठन के नेताओं की बैठक हुई। इसमें एनसीडब्ल्यू- XI के संदर्भ में जबलपुर हाईकोर्ट के फैसले को लेकर चर्चा की गई। बीएमएस, एचएमएस, इंटक, एटक, सीटू के नेताओं ने सर्वसम्मती से यह निर्णय लिया गया कि यदि सीआईएल/एससीसीएल प्रबंधन पूर्व-निर्धारित वेतन और भत्तों को रोकने का या कम करने का फैसला लेता है तो 5, 6, 7 अक्टूबर, 2023 को कोयला उद्योग में तीन दिवसीय हड़ताल की जाएगी। सीआईएल चेयरमैन एवं एससीसीएल के सीएमडी को हड़ताल का नोटिस प्रेषित कर दिया गया। इस नोटिस में बीएमएस से के. लक्ष्मा रेड्डी, मजरुल हक अंसारी, इंटक से कुमार जयमंगल, एके झा, एचएमएस से नाथूलाल पांडेय के प्रतिनिधि एवं आरबी राधवम, एटक से रमेंद्र कुमार, अशोक यादव, सीटू से डीडी रामनंदन, आरपी सिंह ने हस्ताक्षर किए हैं।

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श्रम संगठनों ने संशोधन तिथि (01.01.27) से पहले कोल उद्योग में कार्यरत अधिकारियों के वेतन और भत्ते बढ़ाने के कदम का भी विरोध किया है।

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