कोरबा, 05 जनवरी। कोल इंडिया लिमिटेड (CIL) के अधिकारी वर्ग की ग्रेच्युटी सीमा में बढ़ोतरी का आदेश आते ही कामगारों को भी इसका लाभ दिलाने की मांग उठाई गई है।
हिंद मजदूर सभा (HMS) के नेता और सीआईएल जेबीसीसीआई सदस्य शिवकुमार यादव ने कहा कि एग्जीक्यूटिव और नॉन-एग्जीक्यूटिव को एक सामान ग्रेच्युटी का लाभ मिलना चाहिए। चुंकि एग्जीक्यूटिव वर्ग के औद्योगिक महंगाई भत्ते की सीमा 50 प्रतिशत से अधिक (51.8 प्रतिशत) हो जाने के कारण सीआईएल प्रबंधन ने ग्रेच्युटी में 25 प्रतिशत की बढ़ोतरी करते हुए इसे 25 लाख रुपए कर दिया है। अधिकारी वर्ग का वेतन समझौता 10 साल के लिए होता है। इसलिए उनका औद्योगिक महंगाई भत्ता 50 प्रतिशत को पार कर गया है।
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एचएमएस नेता श्री यादव ने कहा कि कोयला मंत्री को चाहिए कि वे ग्रेच्युटी एक्ट के नोटिफिकेशन में संशोधन कराएं और कामगारों को भी अधिकारी वर्ग की तरह बढ़ी हुई ग्रेच्युटी का लाभ दिलाएं। यदि ऐसा नहीं होता है तो यह कोयला कामगारों के साथ अन्याय है।
यहां बताना होगा कि अब तक एग्जीक्यूटिव और नॉन-एग्जीक्यूटिव को 20- 20 लाख रुपए की ग्रेच्युटी का लाभ मिल रहा था। 5 जनवरी, 2026 को जारी आदेश के बाद कोल इंडिया के एग्जीक्यूटिव को 25 लाख रुपए ग्रेच्युटी का लाभ मिलेगा।
हरभजन सिंह सिद्धू ने कोयला मंत्री को लिखा था पत्र
हिन्द मज़दूर सभा के राष्ट्रीय महामंत्री तथा हिन्द खदान मज़दूर फेडरेशन के महामंत्री हरभजन सिंह सिद्धू ने नवम्बर, 2025 को केंद्रीय कोयला मंत्री को पत्र लिखा था। इस पत्र में स्टील अथॉरिटी ऑफ़ इण्डिया सेल की तरह कोल इंडिया के कर्मचारियों- अधिकारियों को भी ग्रेच्युटी की बढ़ी हुई राशि 25 लाख का लाभ दिलाने के लिए हस्तक्षेप करने का आग्रह किया था।
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