Tuesday, September 15, 2026
Home National News क्या सरकार बेच रही है देश की संपत्ति? संसद में उठा बड़ा...

क्या सरकार बेच रही है देश की संपत्ति? संसद में उठा बड़ा सवाल, विनिवेश पर सरकार ने दिया जवाब

सरकार द्वारा संसद में प्रस्तुत आंकड़ों के अनुसार, वित्त वर्ष 2026-27 में अब तक विनिवेश से ₹20,272.40 करोड़ की प्राप्ति हो चुकी है।

Advertisement

नई दिल्ली, 27 जुलाई | IndustrialPunch :  सरकारी कंपनियों और सार्वजनिक परिसंपत्तियों के विनिवेश (Disinvestment) को लेकर संसद में एक बार फिर बड़ा सवाल उठा है। लोकसभा में पूछे गए प्रश्न के जवाब में वित्त मंत्रालय ने स्पष्ट किया कि सरकार रणनीतिक विनिवेश और अल्पांश हिस्सेदारी बिक्री की प्रक्रिया को पारदर्शी, प्रतिस्पर्धी और विशेषज्ञों द्वारा मूल्यांकित प्रक्रिया के तहत संचालित करती है।

इसे भी पढ़ें: Coal India ने फिर किया निवेशकों को मालामाल! ₹8,852 करोड़ का मुनाफा, डिविडेंड का ऐलान

सरकार ने बताया कि किसी भी CPSE (केंद्रीय सार्वजनिक क्षेत्र उपक्रम) के रणनीतिक विनिवेश से पहले स्वतंत्र लेन-देन सलाहकार (Transaction Advisors) और संपत्ति मूल्यांकन विशेषज्ञ (Asset Valuers) नियुक्त किए जाते हैं। मूल्यांकन के लिए Discounted Cash Flow (DCF), तुलनात्मक मूल्यांकन (Comparable Valuation) तथा Asset Valuation जैसी अंतरराष्ट्रीय स्तर पर स्वीकृत विधियों का उपयोग किया जाता है।

वित्त मंत्रालय ने यह भी कहा कि विनिवेश प्रक्रिया में पारदर्शिता और जवाबदेही सर्वोच्च प्राथमिकता है तथा सभी रणनीतिक विनिवेश खुली और प्रतिस्पर्धी बोली प्रक्रिया के माध्यम से किए जाते हैं। इस पूरी प्रक्रिया की अंतिम स्वीकृति आर्थिक मामलों की मंत्रिमंडलीय समिति (CCEA) द्वारा दी जाती है।

Advertisement

सरकार द्वारा संसद में प्रस्तुत आंकड़ों के अनुसार, वित्त वर्ष 2026-27 में अब तक विनिवेश से ₹20,272.40 करोड़ की प्राप्ति हो चुकी है। इससे पहले 2025-26 में ₹16,885.56 करोड़ और 2024-25 में ₹10,163.02 करोड़ प्राप्त हुए थे। वहीं, पिछले 12 वर्षों में सबसे अधिक ₹1,00,037 करोड़ की विनिवेश आय 2017-18 में दर्ज की गई थी।

इसे भी पढ़ें: Adani Power का बड़ा विस्तार अभियान: 45 GW उत्पादन क्षमता के लक्ष्य पर तेज हुई तैयारी

सरकार ने संसद में यह स्पष्ट करने का प्रयास किया है कि PSU विनिवेश मनमाने तरीके से नहीं बल्कि बहुस्तरीय और विशेषज्ञ आधारित प्रक्रिया के तहत किया जाता है। हालांकि, सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रमों के निजीकरण और रणनीतिक विनिवेश को लेकर राजनीतिक और श्रमिक संगठनों के बीच बहस लगातार जारी है। आने वाले समय में कई बड़े CPSE के विनिवेश प्रस्ताव इस बहस को और तेज कर सकते हैं।

industrial punch is now on Whatsapp Channels. Click here to join

IndustrialPunch | The Voice of Industry & Workforce

Advertisement
कोल इंडिया की 10 मेगा माइंस ने Q1 में बनाया रिकॉर्ड, SECL, NCL और MCL की खदानों का दबदबा भारत के सर्वाधिक कोयला भंडार वाले सात राज्यों के बारे में जानें: वित्तीय वर्ष 2025- 26 : कोल इंडिया लिमिटेड की टॉप- 10 खदान कोल इंडिया ने डिस्पैच का टारगेट भी किया कम, देखें 2026- 27 का कंपनीवार नया लक्ष्य कोल इंडिया ने घटाया लक्ष्य, देखें 2026- 27 का कंपनीवार नया टारगेट