नई दिल्ली, 24 जुलाई। झरिया कोल क्षेत्र (Jharia coal field) में भूमिगत आग के दायरे में अभी भी 15 हजार से अधिक परिवार निवासरत है। बीते तीन साल में 649 परिवारों का ही पुर्नवास किया जा सका है और इस कार्य में 740.17 करोड़ रुपए खर्च हो चुके हैं।
राज्यसभा में कोयला एवं खान मंत्री जी. किशन रेड्डी ने झारखंड के कोयला क्षेत्रों के भूमिगत आग से प्रभावित क्षेत्रों में निवास करने वाले परिवारों की संख्या की जानकारी दी है।
संशोधित झरिया मास्टर प्लान 2025 के अनुसार कुल 15,080 परिवार 81 अति संवेदनशील स्थलों पर रह रहे हैं जो आग और धंसाव के कारण अस्थिर हैं।
वित्तीय वर्ष 2022- 23 से 2024- 25 तक 649 परिवारों का पुर्नवास किया गया है। पुर्नवास के लिए तीन वित्तीय वर्ष में 740.17 करोड़ रुपए खर्च किए गए हैं।
इधर, पिछले माह जून में मंत्रिमंडल की आर्थिक मामलों की समिति ने झरिया कोयला क्षेत्र में आग, भू-धंसाव तथा प्रभावित परिवारों के पुनर्वास से संबंधित मुद्दों से निपटने के लिए संशोधित झरिया मास्टर प्लान (Jharia Master Plan) को मंजूरी दे दी है। संशोधित योजना के कार्यान्वयन पर कुल 5,940 करोड़ 47 लाख रुपए खर्च किए जाएंगे।









