Friday, May 1, 2026
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इंटक अधिवेशन में खड़गे गरजे, BMS को मालिकों के हक में काम करने वाला संगठन करार दिया

मजदूरों की भलाई नहीं चाहते थे, केवल उद्योगपतियों की भलाई चाहते थे। भारतीय मजदूर संघ का गठन मजदूरों के बीच फूट डालने के लिए किया गया।

इंटक के 33वें अधिवेशन का शुभारंभ करते मल्लिकार्जुन खड़गे
इंटक के 33वें अधिवेशन का शुभारंभ करते मल्लिकार्जुन खड़गे
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नई दिल्ली, 22 फरवरी। बुधवार को नई दिल्ली में भारतीय राष्ट्रीय ट्रेड यूनियन कांग्रेस (इंटक) का दो दिवसीय 33वां अधिवेशन शुरू हुआ। कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने अधिवेशन के उद्घाटन सत्र को संबाधित करते हुए आरएसएस और भाजपा को निशाने पर लिया।

श्री खड़गे ने कहा कि भाजपा- आरएसएस के एजेंडे में हमेशा से बड़े उद्योगपति रहे हैं, मजदूर तो कभी नहीं रहे। कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष ने कहा कि जब श्रमिकों के संगठन मजबूत हुए तो आरएसएस ने मालिकों के हक में अपना एक मजदूर संगठन (भारतीय मजदूर संघ) खड़ा कर दिया। इनका संगठन इंटक और मजदूरों के खिलाफ भी खड़ा रहा। क्योंकि वो मालिक के एजेंट थे। मजदूरों की भलाई नहीं चाहते थे, केवल उद्योगपतियों की भलाई चाहते थे। भारतीय मजदूर संघ का गठन मजदूरों के बीच फूट डालने के लिए किया गया।

कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने कहा कि देश आजाद हुआ तो कांग्रेस ने मजदूरों के हितों की रक्षा के लिए तमाम तरह के कानून बनाए। मोदी और शाह बताएं कि उन्होंने मजदूरों के हक के लिए कोई कानून बनाया हो तो। हमारे बनाए कानूनों को घटाकर उसे चार लेबर कोड में बदल दिया। 2014 के बाद मोदी सरकार ने मजदूरों के हितों वाले कानून को खत्म करने का काम किया। बड़े आश्चर्य की बात है कि चार नए लेबर कोड के खिलाफ आवाज नहीं उठ रही है। आरएसएस का मजदूर संगठन भी चुप है। बात- बात पर इमरजेंसी की बात करन वाले लोग मोदी सरकार के काले कानून पर कोई चर्चा नहीं करते हैं। श्री खड़गे ने पंडित नेहरू की औद्योगिक नीतियों को भी गिनाया और कहा कि आज देश उसी नीति पर खड़ा है।

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