नई दिल्ली | Industrial Punch : भारत सरकार ने भारतीय जीवन बीमा निगम (LIC) में हिस्सेदारी बिक्री के जरिए 3.3 अरब डॉलर (करीब ₹28,000 करोड़) जुटाकर देश के पूंजी बाजार में नया रिकॉर्ड कायम किया है। यह स्टॉक एक्सचेंज के माध्यम से भारत का अब तक का सबसे बड़ा सेकेंडरी शेयर ऑफर (Secondary Share Sale) माना जा रहा है। खास बात यह रही कि पूरी प्रक्रिया को अंतिम समय तक बेहद गोपनीय रखा गया।
इसे भी पढ़ें: Labour Codes : सरकार का बड़ा खुलासा! पूरे देश में अब तक लागू नहीं हो सके नए लेबर कोड
सूत्रों के मुताबिक, सरकार ने अपनी शुरुआती योजना से दोगुने से अधिक शेयर बेचकर यह डील पूरी की। डील की तारीख और पूरी रणनीति की जानकारी केवल चुनिंदा वरिष्ठ अधिकारियों तक सीमित रखी गई थी।
बाजार में लीक नहीं होने दी जानकारी
सूत्रों का कहना है कि सरकार ने जानबूझकर हिस्सेदारी बिक्री की सूचना पहले से सार्वजनिक नहीं होने दी। आशंका थी कि यदि यह खबर पहले बाजार में पहुंचती, तो ट्रेडर्स बड़े पैमाने पर पोजिशन लेकर LIC के शेयरों पर दबाव बना सकते थे, जिससे सरकार को कम कीमत पर हिस्सेदारी बेचनी पड़ती।
इसी रणनीति के तहत सलाहकार बैंकों (Advisory Banks) को भी अलग-अलग समय पर जानकारी दी गई और कुछ बैंकों को तो बाजार बंद होने के बाद ही इस प्रक्रिया में शामिल किया गया।
बिना फीस के काम करने को तैयार हुए बैंक
इस डील की एक और दिलचस्प बात यह रही कि इसमें शामिल चारों एडवाइजरी बैंकों ने किसी प्रकार की एडवाइजरी फीस नहीं ली। सूत्रों के अनुसार, इतनी बड़ी सरकारी हिस्सेदारी बिक्री में शामिल होने से बैंकों को वैश्विक स्तर पर प्रतिष्ठा, बेहतर मार्केट रैंकिंग और भविष्य में सरकारी परियोजनाओं में अवसर मिलने की उम्मीद रहती है। इसी कारण कई बैंक ऐसी डील में बिना शुल्क के भी काम करने को तैयार हो जाते हैं।
इसे भी पढ़ें: विदेश निवेश को बढ़ावा देने की तैयारी, लोकसभा से पास हुआ टैक्स सुधार बिल!
सरकार ने चौंकाया बाजार
बाजार को उम्मीद थी कि LIC के तिमाही नतीजों के बाद सरकार हिस्सेदारी बिक्री की घोषणा करेगी, लेकिन सरकार ने सभी अनुमानों को पीछे छोड़ते हुए पहले ही ऑफर लॉन्च कर दिया। इससे बाजार को चौंकाते हुए सरकार ने अनुकूल समय पर सफलतापूर्वक डील पूरी कर ली। हालांकि, सरकार ने इस पूरी रणनीति और प्रक्रिया पर आधिकारिक तौर पर कोई टिप्पणी नहीं की है।
industrial punch is now on Whatsapp Channels. Click here to join
IndustrialPunch | The Voice of Industry & Workforce







