Thursday, August 6, 2026
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विदेश निवेश को बढ़ावा देने की तैयारी, लोकसभा से पास हुआ टैक्स सुधार बिल!

सरकार ने इलेक्ट्रॉनिक्स क्षेत्र में निवेश बढ़ाने के उद्देश्य से विदेशी कंपनियों को मिलने वाली टैक्स छूट 31 मार्च 2041 तक बढ़ा दी है।

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नई दिल्ली | Industrial Punch : देश में निवेश और उद्योग को नई गति देने की दिशा में केंद्र सरकार ने बड़ा कदम उठाया है। लोकसभा ने गुरुवार को ‘Taxation and Other Laws (Amendment) Bill, 2026’ को मंजूरी दे दी। सरकार का दावा है कि यह विधेयक विदेशी निवेश आकर्षित करने, घरेलू विनिर्माण (Manufacturing) को बढ़ावा देने, कर व्यवस्था को सरल बनाने और Ease of Doing Business को और मजबूत करेगा। यह कानून Income-tax (Amendment) Ordinance, 2026 का स्थान लेगा।

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विदेशी निवेशकों के लिए आसान होंगे टैक्स नियम

नए विधेयक के तहत योग्य ऑफशोर इन्वेस्टमेंट फंड और फंड मैनेजरों के लिए टैक्स नियमों को सरल बनाया गया है। साथ ही Foreign Institutional Investors (FIIs) और Bank for International Settlements (BIS) को सरकारी प्रतिभूतियों (Government Securities) से होने वाली ब्याज आय और कैपिटल गेन पर टैक्स छूट मिलेगी, बशर्ते वे निर्धारित रिपोर्टिंग नियमों का पालन करें।

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इलेक्ट्रॉनिक्स मैन्युफैक्चरिंग को बड़ा प्रोत्साहन

सरकार ने इलेक्ट्रॉनिक्स क्षेत्र में निवेश बढ़ाने के उद्देश्य से विदेशी कंपनियों को मिलने वाली टैक्स छूट 31 मार्च 2041 तक बढ़ा दी है। इसके अलावा भारतीय कॉन्ट्रैक्ट मैन्युफैक्चरर्स को आपूर्ति के लिए कस्टम्स-बॉन्डेड वेयरहाउस में इलेक्ट्रॉनिक पार्ट्स रखने वाली विदेशी कंपनियों को 15 वर्षों तक आयकर छूट का लाभ मिलेगा।

डेटा सेंटर और क्लाउड सेक्टर को भी राहत

विधेयक में डेटा सेंटर उद्योग को बढ़ावा देने के लिए विदेशी क्लाउड कंपनियों को लीज मॉडल के तहत भारतीय डेटा सेंटर का उपयोग करने की अनुमति देने का प्रावधान किया गया है। इससे भारत में डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर और निवेश को नई मजबूती मिलने की उम्मीद है।

डिजिटल पेमेंट और रियल एस्टेट सेक्टर में भी बदलाव

बिल में ग्लोबल डायमंड ट्रेड, REITs, InvITs और डिजिटल भुगतान व्यवस्था से जुड़े कई अहम संशोधन शामिल किए गए हैं। साथ ही Payment and Settlement Systems Act, 2007 में संशोधन कर केंद्र सरकार को ऐसे इलेक्ट्रॉनिक भुगतान माध्यम अधिसूचित करने का अधिकार दिया गया है, जिन पर बैंक या पेमेंट सेवा प्रदाता कोई अतिरिक्त शुल्क नहीं वसूल सकेंगे।

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सरकार का कहना है कि इन सुधारों से भारत वैश्विक निवेशकों के लिए और अधिक आकर्षक बनेगा तथा उद्योग, डिजिटल अर्थव्यवस्था और विनिर्माण क्षेत्र को नई रफ्तार मिलेगी।

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