सिंगरौली, 09 जुलाई। बुधवार को देशभर में केंद्रीय श्रमिक संगठनों के आह्वान पर आयोजित राष्ट्रव्यापी हड़ताल (Nationalwide Strike) के तहत कोयला क्षेत्र के लाखों कर्मचारियों ने एकजुट होकर कार्य का बहिष्कार किया और अपनी मांगों के समर्थन में आवाज बुलंद की। नॉर्दर्न कोलफील्ड्स लिमिटेड (NCL) में उत्पादन, प्रेषण और ओबीर कार्य प्रभावित हुआ।
यह हड़ताल केंद्र सरकार की श्रमिक विरोधी नीतियों, निजीकरण के प्रयासों और श्रम कानूनों में मजदूर विरोधी संशोधनों के खिलाफ आयोजित की गई है। कोल इंडिया लिमिटेड और उसकी सभी अनुषंगी कंपनियों के अंतर्गत आने वाले खदानों, वाशरियों, ट्रांसपोर्ट और अन्य यूनिटों में कार्यरत कर्मचारियों ने पूर्ण रूप से काम रोका और विभिन्न स्थानों पर विरोध सभाएं की।
कोल इंडिया में संयुक्त मोर्चा में शामिल सभी संगठन एटक, एचएमएस, इंटक, सीटू के नेतृत्व में हड़ताल में शामिल कर्मचारियों की प्रमुख मांगें ये रहीं :
- चार लेबर कोड रद्द किए जाए और पुराने श्रम कानूनों को ही यथावत रखा जाए
- 8 घंटे ड्यूटी की जगह 12 घंटे ड्यूटी का नियम रद्द किया जाय
- 300 मेन पावर तक के संस्थान में हायर एंड फायर की अनुमति को रद्द किया जाय
- महिलाओं की रात्रिकालीन ड्यूटी का नियम रद्द किया जाय
- कोयला क्षेत्र सहित सार्वजनिक क्षेत्र की संस्थानों में निजीकरण पर तत्काल रोक लगाई जाए
- ठेका श्रमिकों को स्थायी किया जाए और समान काम के लिए समान वेतन दिया जाए
- सामाजिक सुरक्षा, पेंशन और पीएफ के लाभ सुनिश्चित किए जाएं
- महंगाई और बेरोजगारी पर लगाम लगाई जाए
सीटिया (CIITIEA) के राष्ट्रीय महासचिव बीके पटेल ने कहा कि कोयला क्षेत्र की यह ऐतिहासिक हड़ताल इस बात का स्पष्ट संकेत है कि देश के मेहनतकश मजदूर अब और शोषण नहीं सहेंगे। यदि सरकार ने शीघ्र सकारात्मक कदम नहीं उठाए, तो संघर्ष और तेज किया जाएगा।
कोल इंडिया की अनुषंगी कंपनी एनसीएल सिंगरौली में आज एक दिवसीय हड़ताल के मौके पर सीटिया (सीटू) संगठन के राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष अजय शंकर श्रीवास्तव, राष्ट्रीय महासचिव बी.के. पटेल, एनसीएल एटक के महामंत्री अजय कुमार, एचएमएस के महामंत्री अशोक पाण्डेय, आरसीएसएस के महामंत्री लाल पुष्पराज सिंह सीएलयू (सीटू) के महामंत्री पी एस पाण्डेय, सीटिया (सीटू) के अध्यक्ष प्रकाश पटेल, महामंत्री अरविन्द शाह ने संयुक्त रूप से परियोजनाओं का दौरा कर हड़ताली कर्मियों के हौसले बुलंद किए।
साथ ही सभी श्रमिक संगठनों के परियोजनाओं के अध्यक्ष सचिव और उनकी पूरी टीम के द्वारा अपने परियोजना के मुख्य द्वारों पर सुबह प्रथम पाली 4ः00 बजे से ही जोरदार प्रदर्शन किया गया।
हड़ताल की सफलता को लेकर संयुक्त रूप से श्रमिक संगठनों द्वारा बताया गया कि हड़ताल पूरी तरह से सफल रही अभी तक के आंकड़ों के अनुसार एनसीएल में 85 प्रतिशत से अधिक तो वहीं पूरे कोल इंडिया में 90 प्रतिशत से अधिक हड़ताल सफल रही।









