Thursday, September 17, 2026
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बोनस पर केंद्र सरकार का बड़ा फैसला! ₹7,000 की सीमा पर नया नियम

अधिसूचना में कहा गया है कि यह बदलाव Code on Wages, 2019 (2019 का 29) की धारा 26 की उपधाराओं के तहत किया गया है।

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नई दिल्ली। IndustrialPunch: केंद्र सरकार ने Payment of Bonus से जुड़े नियमों में महत्वपूर्ण संशोधन किया है। श्रम एवं रोजगार मंत्रालय द्वारा 25 अगस्त 2026 को जारी राजपत्र अधिसूचना के माध्यम से बोनस की गणना के लिए निर्धारित वेतन सीमा से जुड़े प्रावधान में बदलाव किया गया है।

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अधिसूचना में Code on Wages, 2019 की धारा 26(2) के तहत प्रदत्त शक्तियों का इस्तेमाल करते हुए बोनस की गणना से संबंधित प्रावधान स्पष्ट किया गया है।

₹7,000 से अधिक वेतन वालों के लिए बदला गणना का आधार

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सरकार द्वारा जारी अधिसूचना के अनुसार, जहां बोनस के लिए पात्र कर्मचारी की मजदूरी ₹7,000 प्रति माह से अधिक है, वहां बोनस की गणना के उद्देश्य से उसकी मजदूरी को ₹7,000 प्रति माह या केंद्र सरकार द्वारा निर्धारित न्यूनतम मजदूरी, जो भी अधिक हो, माना जाएगा।

यानी बोनस की गणना के लिए केवल ₹7,000 की स्थिर सीमा ही आधार नहीं होगी। यदि केंद्र सरकार द्वारा निर्धारित न्यूनतम मजदूरी ₹7,000 से अधिक है, तो अधिक राशि को बोनस गणना के आधार के रूप में लिया जाएगा।

25 अगस्त, 2026 को जारी हुई अधिसूचना

यह अधिसूचना श्रम एवं रोजगार मंत्रालय, भारत सरकार द्वारा 25 अगस्त, 2026 को जारी की गई है। राजपत्र में इसका क्रमांक S.O. 4710(E) दर्ज है।

अधिसूचना में कहा गया है कि यह बदलाव Code on Wages, 2019 (2019 का 29) की धारा 26 की उपधाराओं के तहत किया गया है।

साथ ही अधिसूचना में स्पष्ट किया गया है कि यह आदेश 21 नवंबर 2025 से प्रभावी मानी जाने वाली अधिसूचना के संदर्भ में है।

कामगारों के लिए क्यों महत्वपूर्ण है यह बदलाव?

बोनस की गणना में न्यूनतम मजदूरी को आधार से जोड़ने का प्रावधान कर्मचारियों के लिए महत्वपूर्ण माना जा रहा है। खासकर उन क्षेत्रों में जहां केंद्र सरकार द्वारा निर्धारित न्यूनतम मजदूरी ₹7,000 से अधिक है, वहां पात्र कर्मचारियों के बोनस की गणना में इसका असर पड़ सकता है। इससे बोनस भुगतान की गणना वर्तमान और भविष्य की न्यूनतम मजदूरी दरों के साथ जुड़ने की संभावना बनती है।

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श्रमिक संगठनों के लिए भी महत्वपूर्ण फैसला

Payment of Bonus से जुड़े इस संशोधन को श्रमिक हितों की दृष्टि से महत्वपूर्ण माना जा रहा है। इससे बोनस की गणना के आधार को न्यूनतम मजदूरी से जोड़ने का रास्ता मजबूत होता है।

हालांकि, किस कर्मचारी को वास्तविक रूप से कितना अतिरिक्त बोनस मिलेगा, यह उसकी पात्रता, वास्तविक मजदूरी, न्यूनतम मजदूरी की लागू दर और संबंधित बोनस गणना के अन्य प्रावधानों पर निर्भर करेगा।

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