नई दिल्ली। IndustrialPunch : रेलवे बोर्ड ने रेल कर्मचारियों और उनके परिवारों से जुड़े असाधारण पेंशन के नए नियम, 2026 अधिसूचित कर दिए हैं। रेल सेवा (असाधारण पेंशन) नियम, 2026 ने 1993 के पुराने नियमों की जगह ली है। ये नियम राजपत्र में प्रकाशित होने की तारीख से लागू हो गए हैं।
नए नियमों में सेवा के दौरान कर्मचारी की मृत्यु या सेवा से दिव्यांगता के कारण हटाए जाने की स्थिति में परिवार पेंशन, दिव्यांगता पेंशन और निरंतर परिचर भत्ते से जुड़े प्रावधान किए गए हैं। खास बात यह है कि राष्ट्रीय पेंशन प्रणाली (NPS) के अंतर्गत आने वाले रेल कर्मचारियों को भी इन लाभों का प्रावधान है, बशर्ते उन्होंने 2025 के एनपीएस नियमों के नियम 10 के तहत इसका विकल्प चुना हो।
सेवा से जुड़ी मृत्यु पर परिवार को विशेष पेंशन
नियमों में सेवा के दौरान मृत्यु या दिव्यांगता को अलग-अलग श्रेणियों में रखा गया है। श्रेणी ‘B’ में सेवा के दौरान दुर्घटना, व्यावसायिक जोखिम, अत्यधिक मौसम या प्रतिकूल कार्य परिस्थितियों से जुड़ी मृत्यु अथवा दिव्यांगता जैसे मामले शामिल हैं। श्रेणी ‘C’ में आतंकवादी या हिंसक घटनाओं, दंगों तथा अत्यधिक जोखिम वाले क्षेत्रों में प्राकृतिक आपदा जैसी परिस्थितियां शामिल हैं। श्रेणी ‘D’ में लक्षित आतंकी हमला, आतंकवादियों के खिलाफ कार्रवाई, युद्ध जैसी परिस्थितियों और कुछ विशेष अभियान शामिल हैं।
कुछ मामलों में परिवार पेंशन 100 प्रतिशत तक
नए नियमों के अनुसार सेवा के दौरान मृत्यु श्रेणी B में आती है तो परिवार पेंशन वेतन की 60 प्रतिशत होगी, जबकि श्रेणी C और D में यह वेतन की 100 प्रतिशत तक हो सकती है। यह लाभ पात्र परिवार सदस्यों के लिए निर्धारित नियमों के अनुसार दिया जाएगा।
दिव्यांगता पेंशन का भी प्रावधान
श्रेणी B, C और D में दिव्यांगता के कारण सेवा से हटाए गए कर्मचारी को दिव्यांगता पेंशन में सेवा तत्व और दिव्यांगता तत्व शामिल होंगे। सेवा तत्व सामान्य पेंशन के अनुसार वेतन या औसत वेतन का 50 प्रतिशत होगा। नियमों में दिव्यांगता पेंशन की न्यूनतम राशि 18,000 रुपये प्रतिमाह निर्धारित की गई है। 100 प्रतिशत दिव्यांगता की स्थिति में श्रेणी B और C के लिए दिव्यांगता तत्व 30 प्रतिशत तथा श्रेणी D में 100 प्रतिशत तक निर्धारित है।
नए नियमों में यह भी स्पष्ट किया गया है कि दिव्यांगता या मृत्यु और रेल सेवा के बीच कारणात्मक संबंध होना जरूरी होगा। ऐसे मामलों में दिव्यांगता पेंशन या परिवार पेंशन के लिए कर्मचारी अथवा परिवार को अलग से आवेदन करना आवश्यक नहीं होगा।
पुराने मामलों के लिए संरक्षण
2026 के नियमों ने 1993 के नियमों को निरस्त किया है, लेकिन पुराने नियमों के तहत लंबित मामलों के लिए बचत संबंधी प्रावधान भी रखे गए हैं।
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