रायपुर, 13 अगस्त। एसईसीएल के निदेशक (तकनीकी – संचालन एवं परियोजना नियोजन) एन फ्रैंकलिन जयकुमार ने छत्तीसगढ़ राज्य विद्युत उत्पादन कंपनी लिमिटेड (CSPGCL) के अध्यक्ष डॉ. रोहित यादव से मुलाकात की।
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बैठक के दौरान, दोनों पक्षों ने संभावित संयुक्त उद्यमों, विशेष रूप से पिट-हेड ताप विद्युत संयंत्रों की स्थापना पर रचनात्मक चर्चा की। भूमि समन्वय और एसईसीएल के कोयला विविधीकरण के चल रहे प्रयासों जैसे प्रमुख मुद्दों पर भी विचार- विमर्श किया गया।
सीएसपीजीसीएल की ओर से कार्यकारी निदेशक और अन्य वरिष्ठ अधिकारियों ने चर्चा में भाग लिया। एसईसीएल के प्रतिनिधिमंडल में नई पहल, भूमि राजस्व, विद्युत एवं यांत्रिकी, और वन एवं पर्यावरण विभागों के महाप्रबंधक शामिल थे।
अध्यक्ष डॉ. यादव ने अपनी टीम को विस्तृत जांच के लिए चिन्हित भूमि डेटा के आदान- प्रदान में तेज़ी लाने का निर्देश दिया और सहयोगात्मक अवसरों को आगे बढ़ाने में गहरी रुचि व्यक्त की।
एसईसीएल प्रबंधन ने कहा कि यह सहयोग ऐसे समय में हुआ है जब कोयला मंत्रालय, विकसित हो रही वैश्विक ऊर्जा गतिशीलता और बढ़ती पर्यावरणीय जागरूकता के मद्देनज़र, कोयला सीपीएसई को व्यापक विविधीकरण रणनीतियों की दिशा में सक्रिय रूप से मार्गदर्शन कर रहा है।
कोयला मंत्रालय पिट-हेड ताप विद्युत संयंत्रों, सौर और पवन जैसी नवीकरणीय ऊर्जा परिसंपत्तियों, कोयला/लिग्नाइट गैसीकरण सुविधाओं और महत्वपूर्ण खनिजों की खोज के विकास को प्रोत्साहित कर रहा है।
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इन प्रयासों का उद्देश्य भविष्य में कोयला अधिशेष की प्रत्याशा में, कोल इंडिया लिमिटेड और एनएलसी इंडिया लिमिटेड जैसी संस्थाओं के लिए स्थायी संचालन और दीर्घकालिक ऊर्जा सुरक्षा सुनिश्चित करना है।
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