Wednesday, November 4, 2026
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SECL की बाजार में एंट्री से मचेगी हलचल! कोल इंडिया ने IPO के लिए DRHP दाखिल किया

प्रस्तावित IPO से 800 मिलियन डॉलर तक जुटने का अनुमान, लेकिन पूरी रकम कोल इंडिया को मिलेगी; SECL को नहीं मिलेगा नया पूंजी निवेश

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बिलासपुर। IndustrialPunch : कोल इंडिया लिमिटेड (CIL) की पूर्ण स्वामित्व वाली सहायक कंपनी साउथ ईस्टर्न कोलफील्ड्स लिमिटेड (SECL) ने शेयर बाजार में सूचीबद्ध होने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम उठाया है। कंपनी ने अपने प्रस्तावित इनिशियल पब्लिक ऑफरिंग (IPO) के लिए 1 नवंबर 2026 की तारीख वाला ड्राफ्ट रेड हेरिंग प्रॉस्पेक्टस (DRHP) भारतीय प्रतिभूति एवं विनिमय बोर्ड (SEBI), BSE और NSE के पास दाखिल किया है। इस IPO के तहत कोल इंडिया अपनी हिस्सेदारी के अधिकतम 66.81 करोड़ शेयर बेचेगी।

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ब्लूमबर्ग की रिपोर्ट के अनुसार, इस IPO के जरिए करीब 80 करोड़ डॉलर तक की रकम जुटाई जा सकती है। हालांकि, यह संभावित राशि है। वास्तविक इश्यू वैल्यू शेयरों के मूल्य निर्धारण और बाजार की परिस्थितियों पर निर्भर करेगी।

पूरा IPO होगा Offer for Sale, SECL को नहीं मिलेगी रकम

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SECL का प्रस्तावित IPO पूरी तरह Offer for Sale (OFS) के रूप में होगा। इसका अर्थ है कि इसमें कंपनी नए शेयर जारी नहीं करेगी, बल्कि मौजूदा प्रमोटर कोल इंडिया लिमिटेड अपने पास मौजूद शेयरों की बिक्री करेगी।

DRHP के अनुसार, कोल इंडिया अधिकतम 66,80,56,100 इक्विटी शेयर बेचेगी। प्रत्येक शेयर का फेस वैल्यू ₹2 निर्धारित है। चूंकि यह पूरी तरह OFS है, इसलिए शेयरों की बिक्री से प्राप्त रकम SECL के खाते में नहीं जाएगी, बल्कि कोल इंडिया को मिलेगी।

इस प्रकार IPO के बाद SECL में कोल इंडिया की हिस्सेदारी घटेगी, लेकिन प्रस्तावित बिक्री की सीमा और अंतिम इश्यू संरचना के अनुसार कितनी हिस्सेदारी कम होगी, यह आगे स्पष्ट होगा।

चार वित्तीय संस्थान संभालेंगे IPO की जिम्मेदारी

  • SBI Capital Markets Limited
  • ICICI Securities Limited
  • IDBI Capital Markets & Securities Limited
  • Motilal Oswal Investment Advisors Limited

वहीं, KFin Technologies Limited को इश्यू का रजिस्ट्रार नियुक्त किया गया है। SECL के शेयरों को BSE और NSE दोनों स्टॉक एक्सचेंजों पर सूचीबद्ध करने का प्रस्ताव है। IPO बुक बिल्डिंग प्रक्रिया के माध्यम से लाया जाएगा।

देश के प्रमुख कोयला उत्पादकों में शामिल है SECL

1985 में स्थापित SECL का मुख्यालय बिलासपुर, छत्तीसगढ़ में है। कंपनी कोल इंडिया की दूसरी सबसे बड़ी कोयला उत्पादक सहायक कंपनी है। इसे वर्ष 2007 में मिनीरत्न श्रेणी-I का दर्जा प्रदान किया गया था।

वित्त वर्ष 2025-26 में SECL ने 176.29 मिलियन टन यानी लगभग 17.63 करोड़ टन कोयले का उत्पादन किया। यह देश के कुल कोयला उत्पादन का लगभग 16.94 प्रतिशत और कोल इंडिया के कुल उत्पादन का 22.95 प्रतिशत था।

कंपनी के पास छत्तीसगढ़ और मध्य प्रदेश में विस्तृत कोयला संसाधन और खनन परिचालन हैं। इसके प्रमुख खनन क्षेत्रों में कोरबा, मंड-रायगढ़ और मध्य भारत कोलफील्ड्स शामिल हैं।

53 उत्पादनरत खदानों का संचालन

DRHP में उपलब्ध विवरण के अनुसार, 30 सितंबर 2026 तक SECL की 53 उत्पादनरत खदानें थीं। इनमें 19 ओपनकास्ट और 34 भूमिगत खदानें शामिल हैं। इनका संचालन 13 परिचालन क्षेत्रों के माध्यम से किया जा रहा है।

कंपनी के पास 1 अप्रैल 2026 तक लगभग 47.55 अरब टन भूवैज्ञानिक कोयला संसाधन थे। इनमें से लगभग 10.93 अरब टन संसाधनों को परियोजनागत रूप दिया जा चुका था। कंपनी के ऑडिटेड कोयला भंडार लगभग 4.61 अरब टन बताए गए हैं।

SECL की गेवरा और कुसमुंडा ओपनकास्ट खदानें कोरबा जिले में स्थित हैं और विश्व की बड़ी कोयला खदानों में शामिल हैं। कंपनी का उत्पादन और परिवहन नेटवर्क देश के बिजली एवं औद्योगिक उपभोक्ताओं को कोयला आपूर्ति में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है।

वित्तीय प्रदर्शन में भी सुधार

DRHP में दिए गए वित्तीय आंकड़ों के अनुसार, SECL ने वित्त वर्ष 2025-26 में ₹32,956.5 करोड़ का परिचालन राजस्व दर्ज किया, जबकि वित्त वर्ष 2024-25 में यह ₹29,998.3 करोड़ था। वित्त वर्ष 2025-26 में कंपनी का शुद्ध लाभ ₹4,754.5 करोड़ रहा।

वहीं, वित्त वर्ष 2026-27 की पहली छमाही यानी 30 सितंबर 2026 को समाप्त छह महीनों में कंपनी का परिचालन राजस्व ₹16,593.7 करोड़ रहा, जो पिछले वर्ष की समान अवधि के ₹15,090.2 करोड़ से अधिक है। इस अवधि में शुद्ध लाभ बढ़कर ₹2,174.3 करोड़ पहुंच गया, जबकि पिछले वर्ष की समान अवधि में यह ₹1,140.9 करोड़ था।

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कोल इंडिया की सहायक कंपनियों को सूचीबद्ध करने की रणनीति

SECL का IPO कोल इंडिया की अपनी प्रमुख सहायक कंपनियों को पूंजी बाजार में सूचीबद्ध करने की व्यापक रणनीति का हिस्सा है। इससे पहले महानदी कोलफील्ड्स लिमिटेड (MCL) ने भी IPO के लिए ड्राफ्ट दस्तावेज दाखिल किए थे।

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