Tuesday, August 25, 2026
Home Industrial (हिंदी) सी एस आर SECL शुरू कर रहा है जन्मजात हृदय रोग से प्रभावित बच्चों के...

SECL शुरू कर रहा है जन्मजात हृदय रोग से प्रभावित बच्चों के लिए ‘प्रोजेक्ट धड़कन’

निदेशक कार्मिक बिरंची दास की अध्यक्षता में एमओयू हस्ताक्षर कार्यक्रम संपन्न

Advertisement

बिलासपुर, 06 सितम्बर। सीएसआर (CSR) अंतर्गत कोयलांचल में बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएँ सुनिश्चित करने के प्रयासों को गति देते हुए आज ‘प्रोजेक्ट धड़कन’ की शुरुआत की गई।

इसके अंतर्गत एसईसीएल के परियोजना प्रभावित क्षेत्रों से जन्मजात हृदय दोष बच्चों की स्क्रीनिंग, निदान और सर्जिकल देखभाल प्रदान की जाएगी। इस हेतु मुख्यालय बिलासपुर में एसईसीएल और श्री सत्य साई हेल्थ एंड एजुकेशन ट्रस्ट, रायपुर के बीच समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर हुए।

परियोजना अन्तर्गत एसईसीएल के कोयला खदान प्रभावित क्षेत्रों (रायगढ़, कोरबा, बिलासपुर, कोरिया, मनेंद्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर, सूरजपुर, बलरामपुर, छत्तीसगढ़ के सरगुजा और मध्य प्रदेश के अनूपपुर, शहडोल, उमरिया) से चिन्हित जन्मजात हृदय दोष वाले बच्चों को आवश्यक चिकित्सा देखभाल एवं सर्जिकल उपचार श्री सत्य साई संजीवनी मातृ एवं शिशु अस्पताल, रायपुर में किया जाएगा। यह पहल गंभीर स्वास्थ्य चुनौतियों का समाधान करने और आम जनों की जीवन की गुणवत्ता में सुधार लाने की एसईसीएल की प्रतिबद्धता को दर्शाती है।

इस हेतु आयोजित समारोह में निदेशक (कार्मिक) एसईसीएल श्री बिरंची दास की गरिमामयी उपस्थिति में, श्री आलोक कुमार, महाप्रबंधक (सिविल/सीएसआर), सीएसआर विभाग, एसईसीएल मुख्यालय और श्री जगदीश राव, ट्रस्ट अधिकारी, श्री सत्य साईं हेल्थ एंड एजुकेशन ट्रस्ट द्वारा एमओयू पर हस्ताक्षर किए गए।

Advertisement

एसईसीएल सीएसआर अंतर्गत कोयलांचल के लिए विभिन्न विकासात्मक कार्य करता रहा है। प्रोजेक्ट धड़कन इस दिशा में महत्वपूर्ण पहल सिद्ध होगी।

Advertisement
कोल इंडिया की 10 मेगा माइंस ने Q1 में बनाया रिकॉर्ड, SECL, NCL और MCL की खदानों का दबदबा भारत के सर्वाधिक कोयला भंडार वाले सात राज्यों के बारे में जानें: वित्तीय वर्ष 2025- 26 : कोल इंडिया लिमिटेड की टॉप- 10 खदान कोल इंडिया ने डिस्पैच का टारगेट भी किया कम, देखें 2026- 27 का कंपनीवार नया लक्ष्य कोल इंडिया ने घटाया लक्ष्य, देखें 2026- 27 का कंपनीवार नया टारगेट