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नई दिल्ली, 28 नवम्बर (Industrial Punch Desk) : कोयले की खोज और खनन के लिए प्लान एवं डिजाइन का कार्य अब निजी कंपनियां भी करेंगी। कोयला मंत्रालय ने अधिसूचना जारी कर 18 कंपनियों को इसके लिए अधिकृत किया गया है।

कोल इंडिया की अनुषांगिक कंपनी सेंट्रल माइन प्लानिंग एंड डिजाइन इन्स्टीच्यूट (CMPDIL) देश की एकमात्र सरकारी एजेंसी है जिसके द्वारा कोयले की खोज और खनन के लिए प्लान एवं डिजाइन किया जा रहा है। सीएमपीडीआईएल का गठन 1973 को किया गया था। केन्द्र सरकार ने अब इस क्षेत्र में निजी सेक्टर की एंट्री करा दी है।

खान एवं खनिज (विकास एवं विनियमन) अधिनियम, 1957 की धारा 4 की उप-धारा (1) के दूसरे प्रावधान के तहत प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए, भारतीय गुणवत्ता परिषद- राष्ट्रीय शिक्षा एवं प्रशिक्षण प्रत्यायन बोर्ड द्वारा विधिवत मान्यता प्राप्त निजी संस्थाओं को 26 नवंबर 2025 को मान्यता प्राप्त पूर्वेक्षण एजेंसियों के रूप में अधिसूचित किया गया है।

इससे कोयला और लिग्नाइट की खोज (exploration) के लिए 18 और एजेंसियां जुड़ जाएंगी, जिससे कोयला ब्लॉक आवंटियों को कोयला और लिग्नाइट की खोज के लिए इन एजेंसियों को नियुक्त करने में अधिक विकल्प मिलेगा। कोयला खदान के संचालन के लिए भूगर्भीय रिपोर्ट का अन्वेषण और तैयारी एक पूर्व शर्त है। इन अन्वेषण एजेंसियों के जुड़ने से लगभग 6 महीने का समय बचेगा, जो पहले एजेंसी द्वारा लाइसेंस प्राप्त करने में लगता था।

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अधिकृत संभावित एजेंसियों के समूह का विस्तार करके, सरकार निजी क्षेत्र के संसाधनों का उपयोग करना और अन्वेषण में दक्षता, प्रतिस्पर्धात्मकता तथा तकनीकी नवाचार को बढ़ावा देना चाहती है।

कोयला मंत्रालय ने कहा है कि उम्मीद है कि इस कदम से अन्वेषण की गति में काफी तेजी आएगी और खनन को जल्दी बढ़ाने में मदद मिलेगी जिससे संसाधन विकास में तेजी आएगी और देश के लिए कोयला और लिग्नाइट की उपलब्धता बढ़ेगी।

इन कंपनियों को दी गई है मान्यता

1. इंडियन माइन प्लानर्स एंड कंसल्टेंट्स, कोलकाता, पश्चिम बंगाल
2. मैट्रिक्स माइनिंग सॉल्यूशंस प्राइवेट लिमिटेड, गुड़गांव, हरियाणा
3. यूनाइटेड एक्सप्लोरेशन इंडिया प्राइवेट लिमिटेड, कोलकाता, पश्चिम बंगाल
4. माहेश्वरी माइनिंग प्राइवेट लिमिटेड, कोलकाता, पश्चिम बंगाल
5. प्राकृतिक संसाधन प्रभाग – टाटा स्टील लिमिटेड, पूर्वी सिंहभूम, झारखंड
6. माइनिंग एसोसिएट्स प्राइवेट लिमिटेड, बर्दवान, पश्चिम बंगाल
7. जेम्को काटी एक्सप्लोरेशन पी लिमिटेड, चंद्रपुर,
8. साउथ वेस्ट पिनेकल एक्सप्लोरेशन लिमिटेड, गुड़गांव, हरियाणा
9. जियो टेक्निकल माइनिंग सॉल्यूशंस, धर्मपुरी, तमिलनाडु
10. नोबोमाइन इंडिया प्राइवेट लिमिटेड, पूर्वी खासी पहाड़ियाँ, मेघालय
11. सुरमाइन कंसल्टिंग प्राइवेट लिमिटेड, दिल्ली
12. कार्तिकय एक्सप्लोरेशन एंड माइर्निंग सर्विसेज प्राइवेट लिमिटेड, नागपुर, महाराष्ट्र
13. माइनिंग टेक कंसल्टेंसी सर्विसेज प्राइवेट लिमिटेड, अहमदाबाद, गुजरात
14. जेम्स प्रोजेक्ट्स प्राइवेट लिमिटेड, रांची, झारखंड
15. रेवल कंसल्टिंग प्राइवेट लिमिटेड, अहमदाबाद, गुजरात
16. जीएमएमसीओ टेक्नोलॉजी सर्विसेज लिमिटेड, हैदराबाद, तेलंगाना
17. सिनर्जी जियोटेक प्राइवेट लिमिटेड, नागपुर, महाराष्ट्र
18. एपीसी ड्रिलिंग एंड कंस्ट्रक्शन प्राइवेट लिमिटेड, नम्माकल, तमिलनाडु

सीएमपीडीआई के बारे में

सीएमपीडीआई का गठन 1973 को हुआ था। सीएमपीडीआई ने भारत में सभी प्रकार के भू-भागों तथा भू-वैज्ञानिक संरचनाओं में उपलब्ध हुआ है। 1000 से अधिक कोयला गवेषण परियोजनाएं पूरी की है। इसके परिणामस्वरूप 95 बिलियन टन कोयला उपलब्ध हुआ है। सीएमपीडीआई ने अपनी सेवाओं का विस्तार मैगनीज, लौह अयस्क (आयरन ओर) रॉक फास्फेट तक किया है। इसने तंजानियां में भी गवेषण का कार्य किया है। सीएमपीडीआई भारत के सात राज्यों में फैले 18 ड्रिलिंग कैम्पों तथा आउट सोर्सिंग के माध्यम से 500000 मी. ड्रिलिंग करता है। सीएमपीडीआई का आईपीओ भी जल्द आ रहा है।

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