नई दिल्ली| Industrial Punch : बैंक कर्मचारियों की लंबे समय से लंबित पांच दिवसीय बैंकिंग (5-Day Banking) की मांग को लेकर बैंक यूनियनों के बीच विवाद खुलकर सामने आ गया है। यूनाइटेड फोरम ऑफ बैंक यूनियंस (UFBU) की ओर से जारी एक पत्र के बाद नेशनल ऑर्गनाइजेशन ऑफ बैंक वर्कर्स (NOBW) और नेशनल ऑर्गनाइजेशन ऑफ बैंक ऑफिसर्स (NOBO) ने बैंक कर्मचारियों से खुली अपील जारी करते हुए UFBU के बहुमत वाले संगठनों के रवैये पर गंभीर सवाल उठाए हैं।
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अपील में कहा गया है कि UFBU द्वारा जारी पत्र के हाइलाइट किए गए हिस्से में स्वयं यह स्वीकार किया गया है कि NOBW और NOBO ने भारतीय मजदूर संघ (BMS) के माध्यम से केंद्र सरकार के समक्ष 5-Day Banking की मांग स्वतंत्र रूप से उठाई थी।
संगठनों का कहना है कि 5-Day Banking किसी एक यूनियन का एजेंडा नहीं, बल्कि देश के प्रत्येक बैंक कर्मचारी की लंबे समय से चली आ रही प्रमुख मांग है। ऐसे में इस मुद्दे को सरकार के सामने प्रभावी ढंग से रखने के बजाय संबंधित संगठनों को UFBU से बाहर करना दुर्भाग्यपूर्ण है।
अपील में सवाल उठाया गया है कि क्या बैंक कर्मचारियों के हित में पांच दिवसीय बैंकिंग की मांग उठाना कोई अपराध है? यदि कर्मचारियों के कल्याण के लिए सरकार से संवाद करना और वर्षों पुरानी मांग को आगे बढ़ाना गलत माना जा रहा है, तो बैंक कर्मचारियों को इस पर गंभीरता से विचार करना चाहिए।
NOBW और NOBO ने आरोप लगाया कि किसी भी लोकतांत्रिक ट्रेड यूनियन व्यवस्था में दूसरे संगठन की सकारात्मक पहल को दबाना उचित नहीं है। उनका कहना है कि इस प्रकार की कार्यशैली कर्मचारियों के व्यापक हितों और लोकतांत्रिक ट्रेड यूनियन संस्कृति के विपरीत है।
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अपील के अंत में दोनों संगठनों ने बैंक कर्मचारियों से स्वतंत्र रूप से सोचने, विभाजनकारी राजनीति को अस्वीकार करने तथा कर्मचारी हित, राष्ट्रीय हित और रचनात्मक संवाद के पक्ष में खड़े होने का आह्वान किया है।
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