नई दिल्ली | IndustrialPunch : कोयला मंत्रालय ने लोकसभा में बताया कि वाणिज्यिक कोयला खदानों (Commercial Coal Mining) की 15वीं नीलामी के तहत देशभर में 12 कोयला खदानें पेश की गई हैं, जिनमें सबसे अधिक तीन खदानें छत्तीसगढ़ की हैं। इनमें तारा (संशोधित), माही वेस्ट और तेरम कोयला ब्लॉक शामिल हैं। बुधवार को इस संदर्भ में कोरबा लोकसभा क्षेत्र की सांसद ज्योत्सना महंत ने लोकसभा में लिखित सवाल किया था।
इसे भी पढ़ें: Commercial Coal Mining से सरकार की कमाई बढ़ी, तीन साल में 7,737 करोड़ से ज्यादा का राजस्व
मंत्रालय के अनुसार, 12 में से 6 कोयला खदानों के लिए कुल 18 बोलियां प्राप्त हुई हैं। हालांकि, नीलामी प्रक्रिया अभी बोली मूल्यांकन चरण में है। तकनीकी मूल्यांकन पूरा होने के बाद ही पात्र बोलीदाताओं के बीच ई-नीलामी होगी और सफल बोलीदाता, अंतिम राजस्व शेयर तथा अन्य शर्तों की घोषणा की जाएगी।
लोकसभा में प्रस्तुत जानकारी के अनुसार, पूरी तरह अन्वेषित खदानों में सभी पूर्व-प्रचालन शर्तें पूरी करने की अधिकतम समय-सीमा 40 महीने, जबकि आंशिक रूप से अन्वेषित खदानों के लिए 52 महीने निर्धारित की गई है।
सरकार ने कहा कि नीलामी प्रक्रिया को पूरी तरह ऑनलाइन, पारदर्शी और प्रतिस्पर्धात्मक बनाया गया है। एमएसटीसी ई-नीलामी पोर्टल के माध्यम से दो-चरणीय इलेक्ट्रॉनिक प्रक्रिया अपनाई जा रही है। पात्रता मानदंड, राजस्व-साझेदारी, सार्वजनिक प्रकटीकरण और समयबद्ध प्रक्रिया के माध्यम से पारदर्शिता सुनिश्चित की जा रही है।
सरकार ने यह भी बताया कि सभी परियोजनाओं के लिए पर्यावरणीय एवं वन स्वीकृति, पर्यावरण प्रभाव आकलन (EIA), पुनर्वास एवं पुनर्स्थापन (R&R), तथा लागू होने पर PESA और वन अधिकार अधिनियम (FRA) सहित सभी वैधानिक प्रावधानों का पालन अनिवार्य रहेगा। साथ ही, वैज्ञानिक खनन, कार्बन फुटप्रिंट कम करने, फर्स्ट-माइल कनेक्टिविटी और खदान बंदी के बाद भूमि पुनर्वास जैसी शर्तें भी लागू रहेंगी।
इसे भी पढ़ें: कोल इंडिया ने खोला निवेश का खजाना! पहली तिमाही में ₹3,399 करोड़ का Capex, नई खदानों पर बड़ा दांव
15वें दौर की नीलामी में छत्तीसगढ़ के तीन कोयला ब्लॉकों का शामिल होना राज्य के लिए महत्वपूर्ण घटनाक्रम है। हालांकि, अभी सफल बोलीदाताओं की घोषणा नहीं हुई है क्योंकि प्रक्रिया मूल्यांकन चरण में है। नीलामी पूरी होने के बाद ही इन ब्लॉकों के आवंटन, निवेश और उत्पादन से जुड़े अंतिम परिणाम स्पष्ट होंगे।
industrial punch is now on Whatsapp Channels. Click here to join
IndustrialPunch | The Voice of Industry & Workforce









