रायपुर | IndustrialPunch : छत्तीसगढ़ बिजली कर्मचारी संघ महासंघ (BMS) ने राज्य सरकार और विद्युत कंपनी प्रबंधन को स्पष्ट चेतावनी दी है कि यदि 17 अगस्त 2026 से पहले कर्मचारियों की वर्षों से लंबित मांगों पर कोई ठोस एवं सकारात्मक निर्णय नहीं लिया गया, तो महासंघ पूर्व घोषित कार्यक्रम के अनुसार “पेन डाउन–टूल डाउन” के तहत अनिश्चितकालीन कामबंद हड़ताल शुरू करेगा।
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महासंघ का कहना है कि लंबे समय से कर्मचारियों की न्यायोचित मांगों को लेकर ज्ञापन, वार्ताएं, हस्ताक्षर अभियान, आमसभाएं और धरना-प्रदर्शन किए जाते रहे हैं, लेकिन अब तक कोई ठोस समाधान नहीं निकला है। ऐसे में कर्मचारियों के पास आंदोलन के अलावा कोई विकल्प नहीं बचा है।
महासंघ की प्रमुख मांगों में पुरानी पेंशन योजना (OPS) की बहाली, संविदा कर्मचारियों का नियमितीकरण, नई भर्ती, रिस्ट्रक्चरिंग, समयबद्ध पदोन्नति, अंतरिम राहत, तथा आउटसोर्स कर्मचारियों को समय पर वेतन एवं अन्य वैधानिक लाभ शामिल हैं।
महासंघ के प्रदेश अध्यक्ष श्री संजय तिवारी ने कहा कि कर्मचारियों के धैर्य की परीक्षा अब बहुत लंबी हो चुकी है। यदि 17 अगस्त से पहले मांगों पर सकारात्मक आदेश जारी नहीं किए गए, तो संगठन पूरी एकजुटता के साथ अनिश्चितकालीन कामबंद हड़ताल शुरू करेगा।
आंदोलन को सफल बनाने के लिए महासंघ ने पूरे प्रदेश में “टेबल-टू-टेबल संपर्क अभियान” शुरू किया है। इसके तहत प्रत्येक कर्मचारी, अधिकारी, संविदा एवं आउटसोर्स कर्मियों से व्यक्तिगत संपर्क कर उन्हें आंदोलन में शामिल होने का आह्वान किया जा रहा है।
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महासंघ ने सभी कर्मचारियों और अधिकारियों से व्यक्तिगत मतभेद भुलाकर अपने भविष्य, अधिकारों और सम्मान की रक्षा के लिए एकजुट होने की अपील की है। संगठन का कहना है कि यह केवल वेतन या सुविधाओं का आंदोलन नहीं, बल्कि कर्मचारियों के अधिकारों और सम्मान की लड़ाई है।
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