बिलासपुर, 24 अगस्त। महत्वपूर्ण खनिजों (critical minerals) और पारस्परिक हित के अन्य खनिजों के अन्वेषण में सहयोग हेतु कोल इंडिया लिमिटेड (CIL) और मध्य प्रदेश सरकार (भूविज्ञान एवं खनन निदेशालय के माध्यम से खनिज संसाधन विभाग और मध्य प्रदेश राज्य खनन निगम लिमिटेड) के बीच एक ऐतिहासिक समझौता ज्ञापन (MoU) पर हस्ताक्षर किए गए।
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मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की उपस्थिति में एसईसीएल (SECL) के निदेशक (मानव संसाधन) बिरंची दास ने हस्ताक्षर समारोह के दौरान सीआईएल का प्रतिनिधित्व किया।
यह आदान- प्रदान 23 अगस्त, 2025 को कटनी में आयोजित मध्य प्रदेश खनन सम्मेलन 2.0 में हुआ, जिसका विषय था “खनन के भविष्य को आकार देनाः रणनीतिक, सतत और वृत्ताकार“।
इस सम्मेलन में शैक्षणिक संस्थानों के विशेषज्ञ, उद्योग जगत के दिग्गज, खनन क्षेत्र के पेशेवर और मध्य प्रदेश सरकार के वरिष्ठ नौकरशाह एक साथ आए।
प्रमुख शैक्षणिक संस्थानों और भारतीय खान ब्यूरो (आईबीएम) के विशेषज्ञों द्वारा प्रस्तुत प्रस्तुतियाँ राज्य में खनन के भविष्य और खनिजों के उत्पादन एवं उत्पादकता को बढ़ावा देने के लिए उन्नत तकनीकों के उपयोग पर केंद्रित थीं।
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इस समझौता ज्ञापन के माध्यम से कोल इंडिया लिमिटेड और उसकी सहायक कंपनियों ने स्थिरता और नवाचार पर ध्यान केंद्रित करते हुए मध्य प्रदेश के खनिज क्षेत्र को मज़बूत करने की अपनी प्रतिबद्धता दोहराई।
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