कोरबा | Industrial Punch: चीन ने कोयले से सिंथेटिक नेचुरल गैस (Coal-to-Gas/CTG) उत्पादन की दिशा में अपनी रणनीति को तेज कर दिया है। ऊर्जा सुरक्षा और आयातित गैस पर निर्भरता कम करने के उद्देश्य से चीन की Coal-to-Gas क्षमता 2030 तक करीब 28 बिलियन क्यूबिक मीटर (BCM) प्रति वर्ष तक पहुंचने का अनुमान है।
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2026 के अंत तक 9.4 BCM क्षमता का अनुमान
ऊर्जा विश्लेषण कंपनी Rystad Energy के अनुसार चीन की Coal-to-Gas क्षमता 2026 के अंत तक लगभग 9.4 BCM प्रति वर्ष पहुंच सकती है। इसके बाद 2030 तक यह क्षमता लगभग तीन गुना बढ़कर 28 BCM सालाना होने का अनुमान है।
Xinjiang पर बढ़ा फोकस
इस विस्तार में Xinjiang महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है। रिपोर्टों के अनुसार क्षेत्र में Coal-to-Gas परियोजनाओं का तेजी से विस्तार किया जा रहा है और 2028 तक Xinjiang से लगभग 8 BCM सालाना उत्पादन क्षमता जुड़ने का अनुमान लगाया गया है।
ऊर्जा सुरक्षा बना बड़ा कारण
Coal-to-Gas तकनीक में कोयले को गैसीफिकेशन प्रक्रिया के जरिए सिंथेटिक नेचुरल गैस में बदला जाता है। चीन के लिए इसका एक प्रमुख रणनीतिक उद्देश्य घरेलू कोयले का इस्तेमाल बढ़ाकर गैस आपूर्ति को अधिक सुरक्षित बनाना और आयात पर निर्भरता को कम करना है। चीन की 2026-2030 की ऊर्जा रणनीति में Coal-to-Gas और Coal-to-Liquid जैसे कोयला-आधारित रासायनिक उत्पादों को भी जगह मिली है।
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Coal Industry के लिए बड़ा संकेत
चीन दुनिया का सबसे बड़ा कोयला उत्पादक और उपभोक्ता है। ऐसे में Coal-to-Gas परियोजनाओं का विस्तार कोयले की मांग को बिजली उत्पादन से आगे गैस और केमिकल सेक्टर से भी जोड़ सकता है। हालांकि, इस मॉडल की आर्थिक व्यवहार्यता, पानी की जरूरत और पर्यावरणीय प्रभाव भी महत्वपूर्ण मुद्दे बने रहेंगे।
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