नई दिल्ली। IndustrialPunch : देश के 59 ताप विद्युत संयंत्रों में कोयला स्टॉक की कमी के बीच केंद्र सरकार ने चालू वित्तवर्ष में छह नई कैप्टिव और कमर्शियल कोयला खदानों को शुरू करने की तैयारी की है। सरकार के अनुसार, तीन खदानों में पहले ही उत्पादन शुरू हो चुका है, जबकि छह अन्य खदानों के इसी वित्तवर्ष संचालन में आने की उम्मीद है। मानसून के दौरान खनन और कोयला परिवहन में आई बाधाओं तथा बिजली की बढ़ती मांग के कारण ताप विद्युत संयंत्रों में ईंधन की स्थिति दबाव में है।
कोयला मंत्रालय के अनुसार, कैप्टिव खदानों का उत्पादन वित्तवर्ष 2024-25 के 167 मिलियन टन से बढ़कर वित्तवर्ष 2025-26 में 184 मिलियन टन हो गया। इस अवधि में उत्पादन में 10 प्रतिशत से अधिक की वृद्धि दर्ज की गई।
चालू वित्तवर्ष में 10 सितंबर तक कैप्टिव खदानों से लगभग 69 मिलियन टन कोयला उत्पादन हुआ है, जबकि पिछले वर्ष की समान अवधि में यह आंकड़ा करीब 66 मिलियन टन था। इस तरह उत्पादन में सालाना आधार पर लगभग 5 प्रतिशत की बढ़ोतरी हुई है।
कैप्टिव और कमर्शियल खदानों का उत्पादन 210 MT
मंत्रालय के मुताबिक, वित्तवर्ष 2025-26 में कैप्टिव और कमर्शियल खदानों से कुल 210 मिलियन टन कोयला उत्पादन हुआ। इसमें कैप्टिव खदानों का योगदान लगभग 184 मिलियन टन और कमर्शियल खदानों का योगदान करीब 26 मिलियन टन रहा।
पिछले वित्तवर्ष में दोनों श्रेणियों से कुल उत्पादन 191 मिलियन टन था। इस तरह कैप्टिव और कमर्शियल कोयला खदानों के संयुक्त उत्पादन में उल्लेखनीय बढ़ोतरी हुई है।
देश के कुल घरेलू कोयला उत्पादन में कैप्टिव और कमर्शियल खदानों की हिस्सेदारी लगभग 21 प्रतिशत है। वित्तवर्ष 2025-26 में भारत का कुल घरेलू कोयला उत्पादन 1,039 मिलियन टन रहा और लगातार दूसरे वर्ष एक अरब टन के स्तर से ऊपर बना रहा।
228 MT से अधिक उत्पादन का अनुमान
कोयला मंत्रालय को उम्मीद है कि वित्तवर्ष 2026-27 में कैप्टिव और कमर्शियल खदानों का संयुक्त उत्पादन 228 मिलियन टन से अधिक हो सकता है। नई खदानों के संचालन में आने से उत्पादन क्षमता बढ़ने के साथ-साथ बिजली, स्टील, सीमेंट और अन्य कोयला आधारित उद्योगों को घरेलू ईंधन की उपलब्धता मजबूत होने की उम्मीद है।
मंत्रालय के अनुसार, नौ नई खदानों से लगभग 20.67 मिलियन टन की पीक रेटेड उत्पादन क्षमता जुड़ने की संभावना है। इनमें से तीन खदानों में इस वित्तवर्ष उत्पादन शुरू हो चुका है, जबकि शेष छह खदानों को जल्द चालू किए जाने की तैयारी है।
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