रायपुर | Industrial Punch : छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर के सरकारी स्कूलों में आयोजित हालिया यूनिट टेस्ट के प्रश्न पत्रों को लेकर नया विवाद सामने आया है। प्रश्न पत्रों के शीर्ष (Header) पर एक ओर छत्तीसगढ़ शासन का आधिकारिक प्रतीक चिन्ह और दूसरी ओर अडानी फाउंडेशन (Adani Foundation) का लोगो प्रकाशित होने के बाद राजनीतिक और सामाजिक हलकों में तीखी बहस शुरू हो गई है।
बताया जा रहा है कि रायपुर जिला प्रशासन और स्कूल शिक्षा विभाग द्वारा सरकारी स्कूलों में गुणवत्ता सुधार तथा विभिन्न शैक्षणिक गतिविधियों के लिए निजी संस्थानों और कॉर्पोरेट फाउंडेशन के CSR सहयोग का उपयोग किया जाता है। इसी क्रम में यूनिट टेस्ट के प्रश्न पत्रों की छपाई अथवा वितरण में अडानी फाउंडेशन के सहयोग की बात सामने आई है।
हालांकि, विवाद इस बात को लेकर है कि सरकारी परीक्षा से जुड़े प्रश्न पत्र, जिन्हें प्रशासनिक और गोपनीय दस्तावेज माना जाता है, उन पर किसी निजी औद्योगिक समूह का लोगो प्रकाशित किया गया। इसे लेकर शिक्षा व्यवस्था में कॉर्पोरेट हस्तक्षेप और ब्रांडिंग को लेकर सवाल उठने लगे हैं।
विपक्षी दल कांग्रेस ने इस मुद्दे को गंभीर बताते हुए आरोप लगाया है कि सरकार सार्वजनिक शिक्षा व्यवस्था को उद्योगपतियों के ब्रांड प्रचार का माध्यम बना रही है। कांग्रेस ने सोशल मीडिया पर प्रश्न उठाया कि “क्या अब सरकारी शिक्षा भी कॉर्पोरेट स्पॉन्सर्ड हो गई है? सरकार चल रही है या ब्रांड प्रमोशन?”
दूसरी ओर, यह भी तर्क सामने आ रहा है कि यदि किसी निजी संस्था ने CSR के तहत सहयोग किया है, तो उसका उद्देश्य शिक्षा व्यवस्था को बेहतर बनाना हो सकता है। हालांकि, प्रश्न पत्र जैसे आधिकारिक दस्तावेज पर निजी संस्था का लोगो प्रकाशित करना उचित है या नहीं, इसे लेकर बहस तेज हो गई है।
अब सभी की निगाहें स्कूल शिक्षा विभाग और जिला प्रशासन की आधिकारिक प्रतिक्रिया पर टिकी हैं कि प्रश्न पत्रों पर निजी संस्था का लोगो किस अनुमति और किस नीति के तहत प्रकाशित किया गया।
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