Monday, July 20, 2026
Home Industrial (हिंदी) एम्प्लोयी एवं यूनियन SECL कोरबा में एटक को बड़ा झटका: 60 सदस्यों ने छोड़ा साथ,...

SECL कोरबा में एटक को बड़ा झटका: 60 सदस्यों ने छोड़ा साथ, इंटक में शामिल

रजगामार उपक्षेत्र में एटक के वरिष्ठ नेता कमर बक्श, अध्यक्ष विशाल मुण्डा सहित कई पदाधिकारियों ने बदली यूनियन

Advertisement

कोरबा | IndustrialPunch : एसईसीएल कोरबा क्षेत्र में श्रमिक राजनीति के बीच बड़ा घटनाक्रम सामने आया है। रजगामार उपक्षेत्र में एटक (AITUC) को उस समय बड़ा झटका लगा, जब उसके वरिष्ठ नेता एवं उपक्षेत्र सचिव कमर बक्श के नेतृत्व में लगभग 60 सदस्यों ने एटक का साथ छोड़कर एसईकेएमसी (इंटक) की सदस्यता ग्रहण कर ली।

इंटक यूनियन के अनुसार, एटक के रजगामार अध्यक्ष विशाल मुण्डा, जेसीसी सदस्य एम. रहमान, कल्याण समिति सदस्य लक्ष्मी श्रीवास, पिट सेफ्टी कमेटी सदस्य दुर्गा श्रीवास सहित अनेक पदाधिकारी और कार्यकर्ताओं ने इंटक की कार्यशैली से प्रभावित होकर यह निर्णय लिया। सभी ने एसईकेएमसी (इंटक) के केंद्रीय अध्यक्ष गोपाल नारायण सिंह की उपस्थिति में यूनियन की सदस्यता ग्रहण की।

यह सदस्यता ग्रहण कार्यक्रम 18 जुलाई 2026 को रजगामार स्थित माता कर्मा भवन में आयोजित एसईकेएमसी (इंटक) कार्यकर्ता सम्मेलन के दौरान संपन्न हुआ।

कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में एसईकेएमसी (इंटक) के केंद्रीय अध्यक्ष एवं एसईसीएल संचालन समिति के सदस्य गोपाल नारायण सिंह उपस्थित रहे। उनके साथ केंद्रीय कोषाध्यक्ष संदीप चौधरी, कोरबा क्षेत्र के महामंत्री संदीप राय, कुसमुण्डा क्षेत्र के अध्यक्ष बीएल महंत (राजवीर) तथा कार्यकारी अध्यक्ष सुरजीत सिंह (हैप्पी) भी मंच पर मौजूद रहे।

Advertisement

सम्मेलन के दौरान इंटक रजगामार के अध्यक्ष राजेश साहू और सचिव अफजल हुसैन ने सभी नए सदस्यों का पुष्पमाला पहनाकर स्वागत किया और उन्हें यूनियन की सदस्यता दिलाई। कार्यक्रम के अंत में रजगामार इंटक के कार्यकारी अध्यक्ष जनक राम राठौर ने सभी अतिथियों एवं कार्यकर्ताओं का आभार व्यक्त किया।

industrial punch is now on Whatsapp Channels. Click here to join

IndustrialPunch | The Voice of Industry & Workforce

Advertisement
कोल इंडिया की 10 मेगा माइंस ने Q1 में बनाया रिकॉर्ड, SECL, NCL और MCL की खदानों का दबदबा भारत के सर्वाधिक कोयला भंडार वाले सात राज्यों के बारे में जानें: वित्तीय वर्ष 2025- 26 : कोल इंडिया लिमिटेड की टॉप- 10 खदान कोल इंडिया ने डिस्पैच का टारगेट भी किया कम, देखें 2026- 27 का कंपनीवार नया लक्ष्य कोल इंडिया ने घटाया लक्ष्य, देखें 2026- 27 का कंपनीवार नया टारगेट