Tuesday, September 15, 2026
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छत्तीसगढ़ : हॉट-लाइन तकनीक का कमाल! रेलवे ट्रैक के ऊपर बिना ट्रेन रोके खींची गई 220 केवी लाइन

मुंबई-हावड़ा रेलमार्ग पर बिना ट्रेन रोके पूरा हुआ चुनौतीपूर्ण कार्य, 89 करोड़ की परियोजना से राजधानी की बिजली आपूर्ति होगी और मजबूत

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रायपुर | IndustrialPunch : छत्तीसगढ़ स्टेट पावर ट्रांसमिशन कंपनी (CSPTCL) ने राजधानी रायपुर की बिजली व्यवस्था को और अधिक मजबूत एवं विश्वसनीय बनाने की दिशा में बड़ी तकनीकी उपलब्धि हासिल की है। कंपनी ने दलदल सिवनी से रायता तक 220 केवी मल्टी सर्किट ट्रांसमिशन लाइन का सबसे चुनौतीपूर्ण हिस्सा हॉट-लाइन तकनीक (Hot-Line Technique) की मदद से सफलतापूर्वक पूरा कर लिया है।

इस कार्य की सबसे बड़ी चुनौती यह थी कि लगभग 60 मीटर ऊंचे दो टावरों के बीच मुंबई-हावड़ा का अत्यंत व्यस्त रेलवे ट्रैक गुजरता है, जहां औसतन हर 10 मिनट में एक ट्रेन संचालित होती है। इसके अलावा टावर के समीप करीब 12 फीट गहरा नाला भी था। इसके बावजूद अभियंताओं ने रेलवे यातायात को बिना प्रभावित किए पूरी प्रक्रिया सफलतापूर्वक पूरी की।

रेलवे ट्रैफिक रोके बिना पूरा हुआ ऑपरेशन

हॉट-लाइन तकनीक का उपयोग करते हुए ट्रांसमिशन कंपनी के अभियंताओं ने लगभग 200 मीटर लंबे और भारी कंडक्टर को सुरक्षित तरीके से रेलवे ट्रैक के ऊपर स्थापित किया। इसके लिए पहले पायलट रोप तैयार किया गया और दोनों ओर 5-5 टन क्षमता की विंचिंग मशीनों का इस्तेमाल किया गया।

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करीब 90 डिग्री के कोण पर छह कंडक्टर खींचने का कार्य तीन दिनों में पूरा किया गया। इस दौरान रेलवे ट्रैक पर सुरक्षा व्यवस्था बनाए रखने के लिए डीआरएम कार्यालय के अधिकारियों और कर्मचारियों ने भी लगातार समन्वय किया।

89 करोड़ की परियोजना से मिलेगा बड़ा लाभ

ट्रांसमिशन कंपनी के प्रबंध निदेशक राजेश कुमार शुक्ला ने बताया कि दलदल सिवनी 220/132 केवी सब-स्टेशन और 220 केवी मल्टी सर्किट लाइन सहित पूरी परियोजना पर लगभग 89 करोड़ रुपये खर्च किए जा रहे हैं।

परियोजना पूरी होने के बाद रायता स्थित 400 केवी सब-स्टेशन से दलदल सिवनी 220/132 केवी सब-स्टेशन तक सीधे बिजली आपूर्ति संभव होगी। इसके साथ ही रायपुर शहर के लिए उपलब्ध 220 केवी की चार सर्किट लाइनें बढ़कर छह हो जाएंगी, जिससे बिजली आपूर्ति की विश्वसनीयता और क्षमता दोनों में उल्लेखनीय सुधार होगा।

मुख्यमंत्री ने दी बधाई

इस तकनीकी उपलब्धि पर मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय तथा छत्तीसगढ़ स्टेट पावर कंपनीज़ के अध्यक्ष सुबोध कुमार सिंह ने ट्रांसमिशन कंपनी के अभियंताओं और पूरी टीम को बधाई देते हुए इसे राज्य के बिजली ढांचे को मजबूत करने की दिशा में महत्वपूर्ण उपलब्धि बताया।

इस परियोजना को सफल बनाने में कार्यपालक निदेशक संजय पटेल, मुख्य अभियंता (परियोजना) प्रसन्ना गोसावी, अतिरिक्त मुख्य अभियंता ईश्वर कंवर, अधीक्षण अभियंता वी.ए. देशमुख, कार्यपालन अभियंता यू.के. यादव, सहायक अभियंता सुरेश वर्मा, पी.के. तिवारी, प्रबोल मिश्रा, राम ठाकुर, प्रतीक मित्रा तथा लक्ष्मी सिद्धार्थ ट्रांसमिशन के वेणुगोपाल रेड्डी सहित पूरी टीम की महत्वपूर्ण भूमिका रही।

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