Monday, July 20, 2026
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छत्तीसगढ़ : बिजली उपभोक्ताओं को झटका, दरों में प्रति यूनिट 10- 25 पैसे तक की बढ़ोतरी

घरेलू बिजली उपभोक्ताओं के लिए प्रति यूनिट 10 पैसे से लेकर 20 पैसे तक की वृद्धि की गई है। हालांकि, कुछ राहत भी दी गई है।

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छत्तीसगढ़ के बिजली उपभोक्ताओं को अगस्त से बढ़ा हुआ बिल भरना पड़ेगा। बिजली नियामक आयोग (chhattisgarh state regulatory commission) ने आज शुक्रवार को नया टैरिफ जारी कर दिया है। आयोग और बिजली कंपनी के अधिकारियों के अनुसार, घरेलू उपभोक्ताओं को प्रति यूनिट 10-20 पैसे तक अतिरिक्त देने होंगे। इसी तरह कॉमर्शियल और कृषि उपभोक्ताओं को भी अतिरिक्त शुल्क देना होगा। अधिकारियों ने बताया कि नुकसान की भरपाई करने के लिए यह कदम उठाया गया है।

घरेलू उपभोक्ताओं को अब चुकानी होगी ज्यादा कीमत

घरेलू बिजली उपभोक्ताओं के लिए प्रति यूनिट 10 पैसे से लेकर 20 पैसे तक की वृद्धि की गई है। हालांकि, कुछ राहत भी दी गई है। गौशाला, बस्तर एवं दक्षिण क्षेत्र आदिवासी विकास प्राधिकरण तथा सरगुजा एवं उत्तर क्षेत्र विकास प्राधिकरण के स्टे-होम्स में प्रयुक्त बिजली को अब घरेलू दर के दायरे में शामिल किया गया है। साथ ही, घरेलू श्रेणी के अस्थायी कनेक्शनों पर पहले जहां सामान्य टैरिफ का 1.5 गुना शुल्क लिया जाता था, अब इसे घटाकर 1.25 गुना कर दिया गया है। यह उन लोगों के लिए राहत की खबर है, जो त्योहारों या अन्य अस्थायी जरूरतों के लिए बिजली कनेक्शन लेते हैं।

गैर-घरेलू उपभोक्ताओं पर 25 पैसे प्रति यूनिट का असर

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दुकानदारों, कार्यालयों और अन्य व्यवसायिक प्रतिष्ठानों को अब बिजली के लिए प्रति यूनिट 25 पैसे ज्यादा चुकाने होंगे। इसके अलावा, ऑफसेट प्रिंटिंग प्रेस जैसे उपभोक्ताओं को LV-2 से हटाकर LV-5 श्रेणी में रखा गया है, जिससे उनकी बिजली दरों पर फर्क पड़ेगा। गैर-घरेलू अस्थायी कनेक्शनों पर भी वही रियायत दी गई है जो घरेलू श्रेणी को मिली है – अब इन्हें भी 1.25 गुना टैरिफ देना होगा, न कि 1.5 गुना।

किसानों को राहत और बोझ दोनों

कृषि पंपों पर 50 पैसे प्रति यूनिट की बढ़ोतरी की गई है, लेकिन गैर-सब्सिडी वाले किसानों को बड़ी राहत दी गई है। अब उन्हें 30% तक की ऊर्जा शुल्क में छूट मिलेगी, जो पहले 20% थी। साथ ही, खेतों की रखवाली के लिए लगाए गए पंपों के पास 100 वॉट तक का लाइट और पंखा चलाने की अनुमति यथावत रखी गई है।

नक्सल प्रभावित जिलों में मोबाइल टावरों को प्रोत्साहन

वाम चरमपंथ प्रभावित जिलों में मोबाइल नेटवर्क को मजबूत करने के उद्देश्य से, इन क्षेत्रों में लगने वाले मोबाइल टावरों को बिजली शुल्क में 10% की छूट दी गई है। यह राज्य सरकार की संचार व्यवस्था को सुदृढ़ करने की पहल का हिस्सा है।

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