नई दिल्ली, 20 July | IndustrialPunch : देश की महत्वपूर्ण बिजली परियोजनाओं की सरकारी निविदाओं में चीन से जुड़ी चार कंपनियों को भाग लेने की अनुमति दिए जाने के मुद्दे पर केंद्र सरकार ने राज्यसभा में अपना पक्ष स्पष्ट किया है।
विद्युत राज्य मंत्री श्रीपाद नाईक ने राज्यसभा में एक लिखित उत्तर में बताया कि सरकार ने 24 जून 2026 से दो वर्षों के लिए भूमि सीमा साझा करने वाले देशों (जिनमें चीन भी शामिल है) की पर्याप्त स्वामित्व वाली चार कंपनियों को भारत की बिजली परियोजनाओं की खरीद निविदाओं (Procurement Bids) में भाग लेने की अनुमति दी है। हालांकि, इसके लिए निर्धारित घरेलू सामग्री (Domestic Content Requirement) का पालन करना अनिवार्य होगा।
सरकार ने बताए फैसले के कारण
- सरकारी खरीद में प्रतिस्पर्धा बढ़ाना,
- कीमतों को स्थिर रखना,
- आपूर्ति श्रृंखला (Supply Chain) की बाधाओं को कम करना,
- आत्मनिर्भर भारत पहल को मजबूती देना है।
राष्ट्रीय सुरक्षा पर सरकार का जवाब
राष्ट्रीय सुरक्षा संबंधी चिंताओं पर सरकार ने कहा कि भारत में निर्मित सभी उत्पादों के लिए BIS/IS मानकों के अनुरूप परीक्षण और प्रमाणन अनिवार्य है। इसके अलावा आवश्यक मामलों में साइबर सुरक्षा परीक्षण तथा भारतीय साइबर सुरक्षा मानकों का पालन भी सुनिश्चित किया जाएगा।
सरकार का कहना है कि इन सुरक्षा उपायों के कारण बिना पूर्ण प्रतिबंध लगाए भी राष्ट्रीय सुरक्षा हितों की रक्षा की जा सकती है।
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