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बिलासपुर, 24 अक्टूबर। कोल इंडिया (CIL) की अनुषांगिक कपंनी एसईसीएल के सीएमडी डा. प्रेम सागर मिश्रा ने दिवाली की पूर्व संध्या पर कंपनी को पुनः एक नम्बर पार लाने के लिए संकल्प लेने का आह्वान किया है। सीएमडी द्वारा जारी संदेश :

दीवाली की इस पावन पूर्व संध्या पर, मैं पूरे एसईसीएल परिवार और एसईसीएल के सभी हितधारकों को एक बहुत सुखद, समृद्ध और सुरक्षित दीपावली की बधाई और शुभकामनाएं देता हूं। मैं यह भी कामना करता हूं कि यह दीवाली हमारी कंपनी एसईसीएल के लिए अभूतपूर्व वृद्धि और समृद्धि लाए, क्योंकि हमारा गौरव एवं कल्याण हमारी कंपनी के गौरव और कल्याण पर निर्भर करता है।

दीवाली रोशनी का त्योहार है आनंद, विकास, समृद्धि और ज्ञान का त्योहार, क्योंकि प्रकाश कई चीजों का प्रतिनिधित्व करता है। एक भौतिक दीपक सिर्फ एक प्रतीक है। असली दीया हम और आप हैं और इसलिए हम सभी को जगमगाना है एवं खुद को और अधिक जीवंत, हर्षित और ऊर्जा से भरपूर बनाना है, क्योंकि यही असली त्योहार है।

इसके अतिरिक्त, तीन ’क’ अर्थात कंपनी, कम्युनिटी और कन्ट्री के लिए, केवल एक या कुछ दीपक जलाए जाना पर्याप्त नहीं है, अंधेरे को दूर करने एवं सर्वागीण विकास के लिए बहुत सारे दीपक चाहिए। इसलिए दीवाली के दौरान कई दीपक जलाए जाते हैं ताकि हम सभी अपनी कंपनी, समाज और देश के साथ-साथ प्रगति कर सकें। यही कारण है कि हम संस्कृत में “संगच्छध्वम“ का जाप करते हैं, जिसका अर्थ है, ’आइए हम सब साथ चलें’, ताकि सभी के जीवन में प्रकाश और खुशी हो । यही दीवाली का अनोखा संदेश है।

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दीपावली में पटाखों का महत्व हमारे भीतर हो रहे विस्फोटों और बर्नआउट को विलीन करना है। पिछले एक साल में हमारे मन में जो भी नकारात्मकता जमा हुई है, वह सभी पटाखों के रूप में विलीन हो जानी चाहिए। तो आइए, आज हम सभी अपनी सारी नकारात्मकता को त्याग दें और अपने सभी व्यक्तिगत और व्यावसायिक लक्ष्यों को प्राप्त करने हेतु पूरी तरह से नए सकारात्मक विचारों के साथ प्रयास करें, जिन्हें हमें सौंपा गया है या जिन्हें हम पूरा करने की उम्मीद रखते है।

दीपावली भगवान राम के चौदह वर्ष का वनवास पूरा करने के बाद अयोध्या लौटने के उपलक्ष्य में मनाई जाती है। तो आइए इस दीवाली को हम सभी इस संकल्प के साथ मनाएं कि हम अपने एवं SECL के खोये हुए गौरव को फिर से हासिल करेंगे। गेवरा क्षेत्र ने एसईसीएल को धनतेरस के दिन 1,52,248 टन का उत्पादन कर, जो कि गेवरा खदान द्वारा इस वित्त वर्ष 2022-23 में, एक दिन में किया गया सबसे अधिक कोयला उत्पादन है, धनतेरस का एक उपयुक्त उपहार प्रदान कर इस दिशा में एक सही स्वर निर्धारित किया है। यह अवसर हमें SECL को पुनः एक बार सही ट्रैक पर लाने के लिए एक लॉन्चिंग पैड प्रदान कर रहा है, जिसका उपयोग हम सभी को अपने खोए हुए प्रोफेशनल गौरव को पुनः पाने हेतु अवश्य करना चाहिए, जिसके हम हकदार है।

आज संपूर्ण कोयला खनन बिरादरी इस वित्त वर्ष 2022-23 में एसईसीएल रिटर्न की अगली कड़ी देखने का बेसब्री से इंतजार कर रही है, जोकि प्रत्यक्ष या परोक्ष रूप से जुड़े प्रत्येक व्यक्ति के समावेशी, समेकित और समन्वित प्रयासों के माध्यम से बहुत संभव है। यहां यह कहने की आवश्यकता नहीं है कि हम अधिकारीगण इसका नेतृत्व करे एवं अपनी-अपनी जिम्मेदारी का निर्वहन करते हुए इस संकल्प को साकार करें।

मैं एक बार पुन पूरे एसईसीएल परिवार और एसईसीएल के सभी हितधारकों को बधाई देता हूँ और दीपावली की अनन्त अनन्त शुभकामनाएं प्रेरिष करता हूं।

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