Thursday, April 30, 2026
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कोल इंडिया : मानकीकरण समिति की बैठक में DP रंजन और HMS नेता यादव के बीच हुई तीखी बहस, इन मुद्दों पर हुई चर्चा

शुरुआत में ही प्रबंधन द्वारा पीएलआर (बोनस) का निर्धारण कर्मचारी के परफॉरमेंस के आधार पर मिले पॉइंट के अनुसार देने की बात पर शिवकुमार यादव ने कड़ी आपत्ति दर्ज की

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रायपुर, 09 दिसम्बर। सोमवार को आयोजित हुई जेबीसीसीआई- XI (JBCCI- XI) की मानकीकरण समिति की बैठक में कोल इंडिया (CIL) के DP विनय रंजन और HMS नेता शिवकुमा यादव के बीच जमकर तकरार हुई।

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बैठक की शुरुआत में ही प्रबंधन द्वारा पीएलआर (बोनस) का निर्धारण कर्मचारी के परफॉरमेंस के आधार पर मिले पॉइंट के अनुसार देने की बात पर शिवकुमार यादव ने कड़ी आपत्ति दर्ज की। इस पर बात को लेकर निदेशक (कार्मिक) एवं एचएमएस नेता के बीच ज़बरदस्त तीखी बहस हुई।

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विनय रंजन द्वारा यह कहे जाने पर कि जेबीसीसीआई- XI खत्म को चुका है और यह कमेटी संवैधानिक नहीं है। डीपी इस वक्तव्य पर भी शिवकुमार यादव ने आपत्ति की और चुनौती दी कि वे साबित करें कि जेबीसीसीआई- XI असंवैधानिक है। बताया गया है कि करीब पौन घण्टे तक बैठक में बहस की स्थिति बनी रही। इस दौरान डीपी काफी तनाव में दिखे।

बैठक में इन मुद्दों की गई चर्चा :

  • रिस्ट्रिक्टेड सर्टिफिकेट होल्डर्स के मुद्दे पर प्रबंधन चर्चा के दौरान लगातार विरोधाभास बातें कर ग़लत जानकारी प्रस्तुत कर रहा था, किंतु एचएमएस, बीएमएस एवं सीटू के विरोध पश्चात् निर्णय हुआ कि प्रबंधन उक्त मुद्दे को डीटी मीट में रख अंतिम निर्णय लेगा।
  • महिलाओं को नौकरी प्रदान करने के संबंध में पहले से ही मामले उच्च न्यायालय से निर्णय होने के बावजूद प्रबंधन बार- बार न्यायालय जाकर कंपनी को आर्थिक क्षति पहुंचाई जा रही है। इस पर शिवकुमार एवं कोल इंडिया निदेशक (कार्मिक) के बीच तीखी बहस हुई। नाथूलाल पाण्डे, बीएमएस एवं सीटू के सदस्यों ने मिलकर प्रबंधन का विरोध किया। बाद में यह तय हुआ कि इस मुद्दे को अपेक्स जेसीसी में रख निर्णय लिया जाएगा।
  • 10000 रुपए अथवा इससे अधिक पेंशन होने पर माता- पिता को आश्रित मान मेडिकल सुविधा के संबंध में प्रबंधन द्वारा कहा गया कि इस मुद्दे पर बोर्ड स्तरीय बैठक में चर्चा किया जाना शेष है। एक बार पूर्ण तथ्यों के साथ प्रबंधकीय चर्चा पश्चात् कि इसे लागू करने से कंपनी पर क्या प्रभाव पड़ेगा तथा इसकी सीमा कितनी तय की जा सकती है, इसके बाद ही इस मुद्दे पर अंतिम निर्णय लिया जाना अथवा बात करना संभव हो पाएगा। इसलिए इस पर अगली बैठक में चर्चा करने हेतु सहमति बनी।
  • सीपीआरएमएस- एनई (CPRMS- NE) के तहत प्रतिवर्ष मेडिकल कार्ड नवीनीकरण का सरलीकरण हेतु आपसी सहमति के साथ शीघ्र ही इस संबंध में अग्रिम कार्यवाही करने बात हुई। साथ ही जो सेवानिवृत्त कर्मचारी सीपीआरएमएस- एनई के सदस्य नहीं बन पाए हैं उन्हें पुनः मौक़ा देने सहमति बनी।
  • कोल इंडिया द्वारा मेडिकल एवं इंजीनियरिंग करने वाले आश्रित बच्चों के केवल ग्रेजुएशन (डिग्री) करने तक ही ट्यूशन फ़ीस आदि का रिअम्बर्समेंट के मुद्दे पर इसके विश्लेषण हेतु प्रबंधन द्वारा समय मांगा गया। अगली बैठक में इस पर चर्चा करने हेतु सहमति बनी।
  • कोल इंडिया द्वारा हाल ही में जारी स्पोर्ट्स की वेकन्सी में स्केटिंग खेल को जोड़ने पर प्रबंधन के साथ सहमति बनी।
  • क्लर्क के साथ-साथ अन्य कंपनी स्तरीय चयन/परीक्षा में सम्मिलित होने के लिए तीन वर्ष के कंपनी में कार्यकाल को एक वर्ष करने की बात पर सहमति बनी।
  • ठेका मज़दूरों को पीएलआई (बोनस) देने के मामले में कोल इंडिया प्रबंधन ने दावा किया कि सभी मज़दूरों को पीएलआई दिया जा चुका है। इस मुद्दे शिवकुमार एवं सीआईएल निदेशक (कार्मिक) के बीच बहस की स्थिति निर्मित हुई। बाद में तय हुआ कि इस संबंध में शिवकुमार द्वारा प्रस्तुत तथ्यों की जांच पश्चात् जिस भी कंपनी में ठेका श्रमिकों को बोनस नहीं दिया गया है, वहां प्रबंधन बोनस दिलाने का कार्य करेगा।
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