IndustrialPunch : कोल इंडिया के गैर-कार्यकारी कर्मचारियों के वित्तीय वर्ष 2025-26 के पीएलआर/एक्स-ग्रेशिया को लेकर गतिविधियां तेज हो गई हैं। संभावना है कि 3- 4 अक्टूबर 2026 को एपेक्स जेसीसी सदस्यों के साथ प्रस्तावित बैठक में कोयला कामगारों के बोनस के निर्धारण पर महत्वपूर्ण निर्णय लिया जा सकता है।
3 अगस्त की एपेक्स जेसीसी बैठक में दो यूनियन प्रतिनिधियों ने पीएलआर निर्धारण के लिए परंपरागत स्टैंडर्डाइजेशन कमेटी के बजाय एपेक्स जेसीसी को मंच बनाने की मांग उठाई थी। इसके बाद बोनस निर्धारण की प्रक्रिया और उपयुक्त मंच को लेकर विस्तार से चर्चा हुई।
बोनस निर्धारण के तीन विकल्प
- स्टैंडर्डाइजेशन कमेटी: अब तक गैर-कार्यकारी कर्मचारियों के पीएलआर का निर्धारण इसी कमेटी में होता रहा है। हालांकि, एनसीडब्ल्यूए-11 की अवधि समाप्त होने के बाद इसकी वैधानिक स्थिति पर सवाल उठ रहे हैं।
- सीआईएल एपेक्स जेसीसी: केंद्रीय ट्रेड यूनियनों के प्रतिनिधियों से परामर्श लेकर सक्षम स्तर पर बोनस तय किया जा सकता है।
- केंद्रीय ट्रेड यूनियनों की विशेष बैठक: वर्ष 2025-26 के पीएलआर के लिए अंतरिम व्यवस्था के रूप में विशेष बैठक बुलाने का विकल्प भी सामने है।
आईआर कोड और जेबीसीसीआई-11 से असमंजस
औद्योगिक संबंध संहिता, 2020 की धारा-14 के तहत नई वार्ता व्यवस्था तथा जेबीसीसीआई-11 की अवधि समाप्त होने से पीएलआर निर्धारण के मंच को लेकर असमंजस बना हुआ है।
यूनियन पक्ष का तर्क है कि यदि जेबीसीसीआई-11 की अवधि समाप्त होने से स्टैंडर्डाइजेशन कमेटी बोनस पर बैठक नहीं कर सकती, तो उसी ढांचे के तहत गठित अन्य सब-कमेटियों की बैठकों की वैधानिकता पर भी सवाल उठना चाहिए।
गौरतलब है कि वर्ष 2025 में स्टैंडर्डाइजेशन कमेटी की बैठक के बाद कोल इंडिया के गैर-कार्यकारी कर्मचारियों के लिए ₹1,03,000 पीएलआर घोषित किया गया था।
अब कोयला कामगारों की नजर अक्टूबर की प्रस्तावित बैठक पर है। देखना होगा कि इस बार बोनस का निर्धारण स्टैंडर्डाइजेशन कमेटी, एपेक्स जेसीसी या केंद्रीय ट्रेड यूनियनों की विशेष बैठक के माध्यम से होता है।
Source : Coal News Network
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