Tuesday, September 15, 2026
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SECL- MCL IPO पर बड़ा अपडेट, CIL चेयरमैन साईराम ने बताई पूरी रणनीति

CIL CMD बी. साईराम ने AGM के बाद शेयरधारकों को दी जानकारी; दोनों बड़ी सहायक कंपनियों में 25% तक हिस्सेदारी OFS से बेचने की योजना

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कोलकाता। IndustrialPunch : कोल इंडिया लिमिटेड (CIL) के चेयरमैन बी. साईराम ने कहा है कि कंपनी की दो सबसे बड़ी सहायक कंपनियों South Eastern Coalfields Limited (SECL) और Mahanadi Coalfields Limited (MCL) के Initial Public Offerings (IPO) वर्तमान वित्त वर्ष के अंत तक पूरे करने की योजना है। हालांकि, IPO की सटीक तारीख बाजार की परिस्थितियों और सरकार के निर्देशों पर निर्भर करेगी।

शेयरधारकों और हितधारकों के साथ बातचीत के दौरान बी. साईराम ने कहा कि SECL और MCL के IPO को इसी वित्त वर्ष में पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है। उन्होंने स्पष्ट किया कि किस महीने और किस तारीख को IPO आएगा, इसका निर्णय बाजार परिस्थितियों तथा सरकार के निर्देशों के अनुसार होगा।

SECL और MCL में 25% तक हिस्सेदारी बेचने की तैयारी

कोल इंडिया के बोर्ड ने मार्च 2026 में SECL और MCL में हिस्सेदारी के विनिवेश को सैद्धांतिक मंजूरी दी थी। योजना के तहत दोनों कंपनियों में 25 प्रतिशत तक इक्विटी हिस्सेदारी Offer for Sale (OFS) के माध्यम से बेचने का प्रस्ताव है।

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इसके अलावा SECL की IPO प्रक्रिया के तहत Post-Issue Paid-up Capital के 10 प्रतिशत तक नए इक्विटी शेयर जारी करने की भी योजना को मंजूरी दी गई है।

SECL और MCL, कोल इंडिया की सबसे बड़ी कोयला उत्पादक सहायक कंपनियों में शामिल हैं और दोनों मिलकर कुल कोयला उत्पादन का करीब आधा हिस्सा योगदान करती हैं।

BCCL और CMPDI की लिस्टिंग के बाद अगला बड़ा कदम

SECL और MCL की प्रस्तावित लिस्टिंग, कोल इंडिया की सहायक कंपनियों को शेयर बाजार में सूचीबद्ध करने की रणनीति का अगला बड़ा चरण है।

इससे पहले 2026 में कोल इंडिया की दो अन्य सहायक कंपनियां Bharat Coking Coal Limited (BCCL) और Central Mine Planning and Design Institute Limited (CMPDI) शेयर बाजार में सूचीबद्ध हो चुकी हैं।

CIL की 52वीं Annual General Meeting में बी. साईराम ने बताया था कि BCCL की जनवरी 2026 में लिस्टिंग हुई थी। कंपनी की 10 प्रतिशत हिस्सेदारी के OFS को करीब 147 गुना सब्सक्रिप्शन मिला था। वहीं CMPDI की लिस्टिंग 30 मार्च, 2026 को हुई, जिसमें 15 प्रतिशत हिस्सेदारी की बिक्री की गई थी।

उन्होंने इन लिस्टिंग को कोल इंडिया की सहायक कंपनियों में छिपी वैल्यू को सामने लाने और उन्हें पूंजी बाजार तक बेहतर पहुंच उपलब्ध कराने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम बताया।

FY26 में MCL और SECL का शानदार प्रदर्शन

कोल इंडिया की Annual Report के अनुसार वित्त वर्ष 2025-26 में MCL और SECL शीर्ष प्रदर्शन करने वाली सहायक कंपनियों में रहीं।

Mahanadi Coalfields Limited (MCL) ने FY26 में 218.31 मिलियन टन कोयला उत्पादन किया और सहायक कंपनियों में सबसे अधिक ₹10,698 करोड़ का Profit After Tax (PAT) दर्ज किया।

वहीं South Eastern Coalfields Limited (SECL) ने 176.29 मिलियन टन कोयला उत्पादन किया और ₹4,755 करोड़ का PAT दर्ज किया।

इन मजबूत परिचालन और वित्तीय आंकड़ों के कारण दोनों कंपनियों का प्रस्तावित IPO कोल इंडिया के लिए काफी महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

Coal India के कारोबार में तेजी के संकेत

वित्त वर्ष 2026-27 की शुरुआत को लेकर CIL चेयरमैन ने कहा कि कंपनी के Offtake और Revenue के मोर्चे पर प्रदर्शन उत्साहजनक रहा है।

30 जून, 2026 को समाप्त तिमाही में कोल इंडिया का Offtake सालाना आधार पर 4 प्रतिशत बढ़ा, जबकि परिचालन से राजस्व 8 प्रतिशत बढ़कर ₹46,255 करोड़ पहुंच गया। मजबूत Realisation के कारण कंपनी का PAT भी मामूली सुधार के साथ ₹8,850 करोड़ रहा।

जुलाई 2026 में कोल इंडिया का Offtake पिछले वर्ष के समान महीने की तुलना में 18 प्रतिशत अधिक रहा। वहीं अप्रैल-जुलाई 2026 के दौरान E-auction में आवंटित कोयले पर अधिसूचित कीमतों के मुकाबले औसत 43 प्रतिशत प्रीमियम मिला।

Coal Gasification में ₹25,000 करोड़ का प्रोजेक्ट

कोल इंडिया अपने पारंपरिक कोयला कारोबार के साथ नए क्षेत्रों में भी विस्तार कर रही है। चेयरमैन ने बताया कि 20 जून 2026 को भारत की पहली Commercial Coal Gasification Project की आधारशिला रखी गई।

यह परियोजना कोल इंडिया और BHEL के संयुक्त उपक्रम Bharat Coal Gasification and Chemicals Limited द्वारा विकसित की जा रही है।

परियोजना में करीब ₹25,000 करोड़ का निवेश प्रस्तावित है और इसकी वार्षिक क्षमता 6.6 लाख टन Ammonium Nitrate उत्पादन की होगी।

Renewable Energy में भी Coal India का विस्तार

कोल इंडिया ने Renewable Energy के क्षेत्र में भी अपनी मौजूदगी बढ़ानी शुरू कर दी है। कंपनी ने 4 मई 2026 को गुजरात के पाटन में अपना पहला 100 MW Solar Plant शुरू किया। इसके बाद 8 जुलाई 2026 को 300 MW Khavda Solar Project में 200 MW क्षमता को चालू किया गया।

इसके साथ ही कंपनी ने वित्त वर्ष 2026-27 की पहली तिमाही में पहली बार Renewable Energy से ₹5.68 करोड़ का बिक्री राजस्व दर्ज किया। कोल इंडिया ने वित्त वर्ष 2030 तक 9.5 GW Renewable Energy Capacity हासिल करने का लक्ष्य रखा है।

Coal Washing Capacity भी बढ़ी

कोल इंडिया ने BCCL में अतिरिक्त 2 मिलियन टन प्रति वर्ष क्षमता की Coal Washery चालू की है। इसके साथ कंपनी की कुल Coal Washing Capacity बढ़कर 17.35 MTPA हो गई है। इसके अलावा Katras स्थित ASGKCC Mine में कोल इंडिया की पहली Revenue-Sharing Mine Developer and Operator (MDO) परियोजना से उत्पादन भी शुरू हो गया है।

Critical Minerals में Coal India की एंट्री

कोल इंडिया अब Critical Minerals के क्षेत्र में भी अपनी उपस्थिति मजबूत कर रही है। कंपनी ने जनवरी 2026 में महाराष्ट्र के Kawalapur Rare Earth Elements Composite Licence Block को हासिल किया था। इसके साथ CIL के पास कुल 5 Critical Mineral Blocks हो गए हैं।

कंपनी ने ओडिशा में Gadadharpur Iron Ore Block भी हासिल किया है। इसकी अनुमानित क्षमता करीब 288 मिलियन टन बताई गई है। यह कोल इंडिया की Iron Ore Mining में पहली एंट्री है।

Singapore में नई कंपनी, विदेशों में Critical Minerals पर नजर

कोल इंडिया ने 24 अगस्त 2026 को Singapore में अपनी पूर्ण स्वामित्व वाली सहायक कंपनी CIL Global Pte Ltd स्थापित की है।

इस कंपनी का उद्देश्य विदेशों में Critical Mineral Assets के अधिग्रहण की संभावनाओं को आगे बढ़ाना है। यह कदम कोल इंडिया की अंतरराष्ट्रीय स्तर पर Critical Minerals क्षेत्र में विस्तार की रणनीति का हिस्सा है।

इसके साथ ही कंपनी ने Damodar Valley Corporation (DVC) के साथ संयुक्त उपक्रम के जरिए Chandrapura में 1,600 MW Thermal Power Project विकसित करने की दिशा में भी कदम बढ़ाया है।

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