नई दिल्ली | IndustrialPunch : केंद्र सरकार ने कहा है कि वाणिज्यिक कोयला खनन (Commercial Coal Mining) से केंद्र और राज्यों के राजकोष को पिछले तीन वित्तीय वर्षों में ₹7,737.80 करोड़ से अधिक का राजस्व प्राप्त हुआ है। सरकार के अनुसार, अब तक 141 कोयला ब्लॉकों की नीलामी की जा चुकी है, जिनमें से 132 ब्लॉकों का आवंटन किया गया है।
यह जानकारी 22 जुलाई 2026 को लोकसभा में अतारांकित प्रश्न के लिखित उत्तर में कोयला एवं खान राज्य मंत्री सतीश चंद्र दुबे ने दी।
तीन वर्षों में कितना हुआ राजस्व?
- वित्त वर्ष 2023-24: ₹2,323.70 करोड़
- वित्त वर्ष 2024-25: ₹2,323.76 करोड़
- वित्त वर्ष 2025-26: ₹3,090.34 करोड़
इनमें अग्रिम राशि, मासिक प्रीमियम, रॉयल्टी, जिला खनिज प्रतिष्ठान निधि (DMF), राष्ट्रीय खनिज अन्वेषण न्यास (NMET), लाभांश, GST तथा कॉर्पोरेट आयकर जैसे स्रोत शामिल हैं।
ऑनलाइन नीलामी से पारदर्शिता पर जोर
सरकार ने बताया कि वाणिज्यिक कोयला ब्लॉकों की नीलामी एमएसटीसी (MSTC) ई-नीलामी पोर्टल के माध्यम से दो-चरणीय ऑनलाइन बोली प्रक्रिया से की जाती है। नीलामी में पारदर्शिता बनाए रखने के लिए कड़ी पात्रता शर्तें, संबंधित पक्षों की जानकारी का खुलासा, मिलीभगत विरोधी घोषणा तथा गलत जानकारी देने पर ब्लॉक निरस्त करने और भविष्य की नीलामी से प्रतिबंधित करने जैसे प्रावधान लागू हैं।
15 खदानों से 5,161 लोगों को रोजगार
सरकार ने बताया कि वर्तमान में 15 वाणिज्यिक कोयला खदानें उत्पादनरत हैं, जिनसे प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से 5,161 लोगों को रोजगार मिला है। राज्यवार रोजगार का विवरण इस प्रकार है:
- छत्तीसगढ़: 2,715
- ओडिशा: 847
- मध्य प्रदेश: 757
- महाराष्ट्र: 571
- अरुणाचल प्रदेश: 214
- झारखंड: 57
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