कोरबा (IndustrialPunch Desk) : राष्ट्रीय कोयला वेतन समझौता-12 (JBCCI-XII) के गठन में हो रही देरी को लेकर प्रस्तावित आंदोलन के बीच कोल इंडिया लिमिटेड (CIL) प्रबंधन ने चारों कोयला महासंघों (HMS, INTUC, CITU, AITUC) के संयुक्त एक्शन फोरम (Joint Action Forum) तथा अखिल भारतीय खदान मजदूर संघ (BMS) से विरोध प्रदर्शन वापस लेने की अपील की है।
प्रबंधन ने कहा है कि वेतन समझौते से जुड़े सभी वैध मुद्दों पर परामर्श प्रक्रिया जारी है और कर्मचारियों की चिंताओं पर उचित विचार किया जाएगा।
कोल इंडिया के महाप्रबंधक (मानव संसाधन/श्रम एवं औद्योगिक संबंध) दुर्गा प्रसाद सामल द्वारा जारी पत्र में कहा गया है कि 5 जून 2026 को हुई बैठक में गेट मीटिंग, धरना, रैली, पोस्टर एवं पर्चा वितरण जैसे आंदोलनात्मक कार्यक्रमों की घोषणा की गई थी, जिसका उद्देश्य JBCCI-XII के गठन में हो रही देरी का विरोध करना है।
ऊर्जा सुरक्षा का दिया हवाला
प्रबंधन ने अपने पत्र में कहा कि भारत में ताप विद्युत उत्पादन के लिए कोयला आज भी सबसे महत्वपूर्ण ईंधन है। इसके अलावा इस्पात, सीमेंट तथा अनेक आधारभूत उद्योग भी कोयले पर निर्भर हैं। ऐसे में उत्पादन या आपूर्ति में किसी भी प्रकार का व्यवधान देश की ऊर्जा सुरक्षा, औद्योगिक गतिविधियों, सार्वजनिक जीवन तथा अर्थव्यवस्था पर व्यापक प्रभाव डाल सकता है।
मानसून के दौरान संचालन चुनौतीपूर्ण
पत्र में यह भी उल्लेख किया गया है कि प्रस्तावित आंदोलन मानसून के शुरुआती दौर में आयोजित किए जाने हैं, जबकि यही समय खदानों में उत्पादन, परिवहन, लोडिंग और डिस्पैच के लिए सबसे चुनौतीपूर्ण माना जाता है। ऐसे समय में कोयले की निर्बाध आपूर्ति बनाए रखना अत्यंत आवश्यक है।
प्रबंधन ने कहा कि मानसून से पहले पर्याप्त कोयला भंडारण सुनिश्चित करने के लिए कोल इंडिया, उसकी अनुषंगी कंपनियां, भारतीय रेलवे और बिजली कंपनियां लगातार प्रयास कर रही हैं।
Apex JCC बैठक का दिया हवाला
प्रबंधन ने 5 जून 2026 को आयोजित Apex JCC बैठक का उल्लेख करते हुए बताया कि इस बैठक में BMS, HMS, AITUC और CITU सहित केंद्रीय ट्रेड यूनियनों के प्रतिनिधियों के साथ JBCCI-XII के गठन पर विस्तृत चर्चा हुई थी। बैठक में उठाए गए सभी मुद्दों को गंभीरता से दर्ज किया गया है और वे वर्तमान में परामर्श प्रक्रिया के अंतर्गत विचाराधीन हैं।
पहले भी लंबी चर्चा के बाद हुए हैं वेतन समझौते
कोल इंडिया ने कहा कि इससे पहले हुए सभी राष्ट्रीय कोयला वेतन समझौते (NCWA) भी व्यापक चर्चा, विचार-विमर्श और सहमति के आधार पर अंतिम रूप दिए गए थे। JBCCI के माध्यम से अब तक ग्यारह राष्ट्रीय कोयला वेतन समझौते सफलतापूर्वक संपन्न हो चुके हैं।
1 जुलाई को ‘मांग दिवस’ न मनाने की अपील
प्रबंधन ने चारों महासंघों से विशेष रूप से अनुरोध किया है कि 1 जुलाई 2026 को “मांग दिवस” के रूप में न मनाया जाए। पत्र में कहा गया है कि NCWA-V के बाद से 1 जुलाई की तिथि गैर-कार्यकारी कर्मचारियों के लिए वेतन संशोधन और सेवा शर्तों में सुधार से जुड़ी सकारात्मक तिथि रही है। इसलिए इस दिन आंदोलन करने के बजाय इसकी सकारात्मक परंपरा को बनाए रखा जाना चाहिए।
कोल इंडिया प्रबंधन ने कहा
कोल इंडिया प्रबंधन ने कहा है कि कोयला उद्योग हमेशा से परिपक्व औद्योगिक संबंधों का उदाहरण रहा है। इसलिए राष्ट्रीय ऊर्जा सुरक्षा, मानसून के दौरान निर्बाध उत्पादन और कर्मचारियों के हितों को ध्यान में रखते हुए सभी संगठन आंदोलन के बजाय संवाद और परामर्श की प्रक्रिया को जारी रखें, ताकि JBCCI-XII का गठन शीघ्र पूरा किया जा सके।
industrial punch is now on Whatsapp Channels. Click here to join
IndustrialPunch | The Voice of Industry & Workforce









