बिलासपुर। अवैध खनन एवं खनिज परिवहन पर प्रभावी नियंत्रण तथा कानूनी प्रक्रियाओं को मजबूत बनाने के उद्देश्य से एसईसीएल (SECL) मुख्यालय, बिलासपुर में एमएमडीआर अधिनियम, 1957 की धारा 22, 23बी एवं 24 के अंतर्गत अधिकृत अधिकारियों के लिए चार दिवसीय जागरूकता एवं क्षमता संवर्धन प्रशिक्षण कार्यक्रम का शुभारंभ मंगलवार को किया गया।
कार्यक्रम का उद्घाटन एसईसीएल के निदेशक (मानव संसाधन) श्री बिरंची दास ने मुख्य अतिथि के रूप में किया। इस अवसर पर उन्होंने कहा कि ऐसे प्रशिक्षण कार्यक्रम अधिकारियों को कानूनी प्रावधानों की गहन समझ प्रदान करते हैं तथा उन्हें अपने दायित्वों का प्रभावी और जिम्मेदाराना तरीके से निर्वहन करने में सक्षम बनाते हैं।
प्रशिक्षण सत्र में विषय विशेषज्ञ के रूप में सेवानिवृत्त आईपीएस अधिकारी एवं बीसीसीएल के वरिष्ठ सलाहकार (सुरक्षा) श्री विपुल शुक्ला ने प्रतिभागियों को एमएमडीआर अधिनियम के विभिन्न प्रावधानों, अवैध खनन और खनिज परिवहन से जुड़े मामलों में कार्रवाई की प्रक्रिया, जांच की बारीकियों तथा मजबूत अभियोजन प्रतिवेदन (Strong Prosecution Report) तैयार करने के संबंध में विस्तृत जानकारी दी। उन्होंने अधिकृत अधिकारियों की भूमिका, अधिकारों और जिम्मेदारियों पर भी विस्तार से प्रकाश डाला।
23 जून से 26 जून 2026 तक विभिन्न बैचों में आयोजित इस प्रशिक्षण कार्यक्रम का उद्देश्य अधिकृत अधिकारियों को एमएमडीआर अधिनियम के तहत प्राप्त अधिकारों, दायित्वों और कानूनी प्रक्रियाओं के प्रति जागरूक बनाना है, ताकि अवैध गतिविधियों के विरुद्ध प्रभावी कार्रवाई सुनिश्चित की जा सके।
प्रशिक्षण कार्यक्रम में एसईसीएल के महाप्रबंधक, अभिकर्ता (एजेंट), प्रबंधक, मानव संसाधन विभाग के अधिकारी, सुरक्षा विभाग के अधिकारी-कर्मचारी तथा सीआईएसएफ के कार्मिक सक्रिय रूप से भाग ले रहे हैं। कार्यक्रम के दौरान प्रतिभागियों को विषय से जुड़े व्यावहारिक एवं प्रक्रियात्मक पहलुओं की जानकारी भी दी जा रही है, जिससे वे अपने कार्यों का निष्पादन अधिक दक्षता और उत्तरदायित्व के साथ कर सकें।
यह प्रशिक्षण कार्यक्रम एसईसीएल में कानूनी जागरूकता बढ़ाने, अवैध खनन पर प्रभावी नियंत्रण स्थापित करने तथा अभियोजन प्रक्रिया को सुदृढ़ बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल माना जा रहा है।
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