कोरबा, 06 अक्टूबर। इंटक (INTUC) से सम्बद्ध राष्ट्रीय खान मजदूर फेडरेशन के अध्यक्ष एवं विधायक कुमार जयमंगल (अनूप सिंह) ने राहुल गांधी को लिखे पत्र में कहा है कि एनसीडब्ल्यूए (NCWA) की धारा 9.4.0 को बहाल करने सड़क की लड़ाई लड़नी होगी। केन्द्र सरकार और कोयला मंत्रालय को इस मुद्दे को लेकर सदन में भी घेरना होगा। न्यायिक हस्तक्षेप की आवश्यकता भी बताई गई।
यहां बताना होगा कि केन्द्रीय कोयला एवं खान मंत्री जी. किशन रेड्डी ने कांग्रेस नेता राहुल गांधी के पत्र के जवाब में बताया था कि सुरक्षा संबंधी स्थायी समिति ने 26.02.2018 को आयोजित अपनी 42वीं बैठक में चिकित्सकीय रूप से अयोग्य कर्मचारियों की सूची तैयार करने और उन्हें स्वैच्छिक सेवानिवृत्ति प्रदान करने का निर्णय लिया था।
कोयला मंत्री के इस जवाबी पत्र को लेकर इंटक नेता कुमार जयमंगल ने कहा कि केंद्रीय कोयला एवं खान मंत्री ने दिनांक 04.09.2025 के अपने उत्तर के माध्यम से जानबूझकर कोयला मंत्रालय/सीआईएल के उस मनमाने निर्णय को उचित ठहराने का प्रयास किया है, जिसमें कोल इंडिया के वेतन समझौते (NCWA) की धारा 9.4.0 के तहत स्थायी विकलांगता से पीड़ित कोयला खनिकों के आश्रितों को प्रतिपूरक रोजगार देना बंद कर दिया गया था।
कुमार जयमंगल ने कहा कि कोयला मंत्री स्वीकार कर रहे हैं कि खंड 9.4.0 के अंतर्गत यह योजना एनसीडब्ल्यूए- 11 में शुरू की गई थी, जो 01.01.1979 से 31.12.1982 (चार दशकों से अधिक) तक कार्यरत थी और उसके बाद एनसीडब्ल्यूए- XI सहित सभी एनसीडब्ल्यूए में जारी रही, जो 01.07.2021 से 30.06.2026 तक कार्यरत है। इसके अलावा खंड 9.4.0 कोई पृथक खंड नहीं है, बल्कि व्यापक खंड 9.3.0, 9.4.0 और 9.5.0 का हिस्सा है, जो किसी कर्मचारी की स्थायी विकलांगता या मृत्यु की स्थिति में रोजगार के प्रावधान से संबंधित है।
कोयला मंत्री द्वारा 26.02.2018 को आयोजित कोयला खदानों में सुरक्षा संबंधी स्थायी समिति की 42वीं बैठक का संदर्भ, चिकित्सा आधार पर स्वैच्छिक सेवानिवृत्ति देने का निर्णय लेने के संदर्भ से पूरी तरह से अधिकार क्षेत्र से बाहर है।
कोयला खदानों में सुरक्षा संबंधी स्थायी समिति की 26.02.2018 को आयोजित बैठक और 27.06.2024 को आयोजित सीआईएल एपेक्स जेसीसी बैठक में केंद्रीय श्रमिक संघ (आईएनएमएफ (इंटक) प्रतिनिधियों को छोड़कर) ने कड़ा लिखित खंडन जारी किया है कि उन्होंने खंड 9.4.0 के तहत विकलांग कर्मचारी के आश्रित की चिकित्सा जांच और रोज़गार रोकने पर सहमति व्यक्त की है।
इंटक नेता ने कहा कि यदि धारा 9.4.0 के तहत रोजगार प्रावधान 2018 से बंद कर दिया गया था तो सीआईएल ने एनसीडब्ल्यूए- XI में व्यापक धारा 9.3.0, 9.4.0 और 9.5.0 को क्यों शामिल किया, जिस पर 20.05.2023 को हस्ताक्षर किए गए थे।
एनसीडब्ल्यूए के खंड 6.5.2 (एनसीडब्ल्यूए-एक्स से जारी) के संदर्भ में मंत्री का आश्वासन काफी भ्रामक और झूठा है क्योंकि यह खंड एनसीडब्ल्यूए का प्रारंभ से ही हिस्सा है अर्थात एनसीडब्ल्यूए-1 से एनसीडब्ल्यूए- XI तक और यह एनसीडब्ल्यूए के व्यापक खंड 9.3.0, 9.4.0, 9.5.0 या यहां तक कि विकलांग कर्मचारी के आश्रित के रोजगार के लिए खंड 9.4.0 का स्थान नहीं ले सकता है।
इंटक नेता कुमार जयमंगल ने बताना कि एनसीडब्ल्यूए को आईडी अधिनियम, 1947 के तहत कानूनी प्रतिरक्षा और संरक्षण के साथ “सेटलमेंट“ के रूप में पंजीकृत किया गया है, और “पारस्परिक सहमति“ या कानूनी प्रक्रिया को छोड़कर किसी भी प्राधिकारी द्वारा इसमें मनमाने ढंग से छेड़छाड़ नहीं की जा सकती है।
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