CIL Head Office
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नई दिल्ली, 01 सितम्बर। कोयला कामगारों के वेतन समझौते के लिए गठित जेबीसीसीआई (Joint Bipartite Committee for the Coal Industry) की 6वीं बैठक 2 सितम्बर को कोलकाता में होगी। माना जा रहा है कि यह बैठक 11वें वेतन समझौते के लिए टर्निंग पाइंट साबित हो सकती है।

दरअसल यह बैठक कोयला मंत्री प्रल्हाद जोशी (Coal Minister Pralhad Joshi) के साथ यूनियन के प्रमुख नेताओं की मुलाकात के बाद हो रही है। यह मुलाकात दो अगस्त को हुई थी। इसमें कोयला मंत्री ने कोल सचिव से जेबीसीसीआई बैठक को प्राथमिकता देने कहा था। बैठक का अंतराल घटाने और अवधि बढ़ाने को लेकर भी चर्चा हुई थी।

कोयला मंत्री के समक्ष DPE (Department of Public Enterprises) की गाइडलान का मुद्दा प्रमुखता से लाया गया था। क्योंकि 11वें वेतन समझौते में सबसे बड़ा रोड़ा डीपीई की गाइडलाइन है। जेबीसीसीआई की तीसरी बैठक में यह मुद्दा सामने आया था और इस पर चर्चा हुई थी। इस दौरान सममति बनी थी कि कोयला मंत्रालय से डीपीई की गाइडलाइन को लेकर छूट मांगी जाएगी।

अब देखना यह होगा कि यूनियन के साथ हुई बैठक के बाद कोयला मंत्री ने डीपीई के मुद्दे को लेकर सीआईएल (CIL) प्रबंधन को क्या निर्देश जारी किए हैं, या फिर स्थिति यथावत है। जेबीसीसीआई की 5वीं बैठक तक सीआईएल प्रबंधन 3 फीसदी एमजीबी पर अटका हुआ था। यदि कोयला मंत्री या कोल सचिव का कोई निर्देश मिला होगा तो 6वीं बैठक में बात आगे बढ़ सकती है।

जेबीसीसीआई की छठवीं बैठक में समय का निर्धारण नहीं किया गया है। बैठक प्रातःकाल में 11.45 बजे प्रारंभ होगी। माना जा रहा है कि बैठक लंबी चल सकती है।

यूनियन की एकता पर सवाल

इधर, बीएमएस (BMS) के कोल प्रभारी एवं जेबीसीसीआई सदस्य के. लक्ष्मा रेड्डी के हाल ही में दिए गए बयानों से एचएमएस, सीटू, एटक के नेताओं में खासी नाराजगी है। श्री रेड्डी ने कहा था कि वेतन समझौते में डीपीई को मुद्दा नहीं है और दूसरे श्रमिक संगठनों द्वारा डीपीई गाइडलाइन की बाधा खड़ी की जा रही है। श्री रेड्डी ने जेबीसीसीआई- XI के गठन का पूरा श्रेय बीएमएस को दिया था। रेड्डी के बयानों को यूनियन की एकता में दरार पैदा करने की कोशिश के तौर पर देखा जा रहा है।

एकता नहीं होगी तो कुछ हासिल नहीं होगा

सीटू (CITU) के नेता एवं जेबीसीसीआई डीडी रामनंदन ने गुरुवार को industrialpunch.com से चर्चा करते हुए कहा कि एक बेहतर वेतन समझौता तभी संभव है जब सभी यूनियन में एकता होगी। एकता नहीं होगी तो कुछ भी हासिल नहीं होगा। श्री रामनंदन ने किसी का नाम लिए बगैर कहा कि कुछ लोग यूनियन की एकता और रणनीति को बिगाड़ने का काम कर रहे हैं।

अब तक हो चुकी हैं 5 बैठकें, लेकिन नतीजा शून्य

यहां बताना होगा कि जेबीसीसीआई की अब तक पांच बैठकें हो चुकी हैं। इन बैठकों में मिनिमम गारंटी बेनिफिट (MGB) को लेकर बात आगे नहीं बढ़ सकी है। जेबीसीसीआई की पहली बैठक 17 जुलाई, 2021 को हुई थी। द्वितीय बैठक 15 नवम्बर और तृतीय, चौथी बैठक क्रमशः 16 फरवरी एवं 22 अप्रेल, 2022 को हुई थी। 5वीं बैठक एक जुलाई को हैदराबाद में आयोजित की गई थी।

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