नई दिल्ली | Industrial Punch : कर्मचारी भविष्य निधि संगठन (EPFO) के तहत लंबे समय तक नौकरी करने वाले कर्मचारियों के लिए EPS Pension रिटायरमेंट के बाद आर्थिक सुरक्षा का महत्वपूर्ण जरिया है। दिए गए नियमों के अनुसार, EPS के तहत पेंशन पाने के लिए कम से कम 10 साल की पेंशन योग्य सेवा जरूरी होती है। वहीं, 20 साल या उससे अधिक की सेवा पूरी करने वाले कर्मचारी को पेंशन योग्य सेवा में 2 साल का अतिरिक्त वेटेज मिलता है।
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20 साल की नौकरी पर सेवा 22 साल मानी जाएगी
यदि किसी कर्मचारी ने EPS के तहत 20 साल की पेंशन योग्य सेवा पूरी की है, तो अतिरिक्त 2 साल के वेटेज के बाद उसकी पेंशन योग्य सेवा 22 साल मानी जाएगी।
EPS पेंशन की गणना के लिए दिया गया फॉर्मूला है:
मासिक पेंशन = (पेंशन योग्य वेतन × पेंशन योग्य सेवा) ÷ 70
पेंशन योग्य वेतन आमतौर पर अंतिम 60 महीनों के औसत वेतन के आधार पर निर्धारित होता है, जबकि पेंशन योग्य सेवा EPS में योगदान वाले वर्षों पर निर्भर करती है।
₹15,000 वेतन पर ऐसे समझें कैलकुलेशन
मान लीजिए किसी कर्मचारी का पेंशन योग्य वेतन ₹15,000 है और उसने 20 साल नौकरी की है।
अतिरिक्त 2 साल के वेटेज के बाद:
पेंशन योग्य सेवा = 20 + 2 = 22 साल
अब फॉर्मूले के अनुसार:
₹15,000 × 22 ÷ 70 = ₹4,714.28
यानी इस उदाहरण के आधार पर कर्मचारी को 58 साल की उम्र में रिटायरमेंट के बाद करीब ₹4,714 प्रति माह EPS पेंशन मिल सकती है।
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ध्यान रखें—वास्तविक पेंशन अलग हो सकती है
यह केवल दिए गए वेतन और सेवा अवधि के आधार पर उदाहरणात्मक गणना है। वास्तविक EPS पेंशन कर्मचारी की पेंशन योग्य सेवा, पेंशन योग्य वेतन और उस समय लागू EPFO नियमों के आधार पर अलग हो सकती है।
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