Tuesday, August 11, 2026
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कोयला श्रमिकों के अधिकारों पर नाथूलाल पाण्डेय का बड़ा बयान, वेतन-पेंशन में कटौती पर चेतावनी

नाथूलाल पाण्डेय ने कहा कि यदि श्रम सुधारों का उद्देश्य श्रमिक और उद्योग दोनों के हितों में संतुलन बनाना है, तो श्रमिक संगठनों की भागीदारी अनिवार्य होनी चाहिए

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कोरबा | Industrial Punch : हिंद मजदूर सभा से संबद्ध कोयला मजदूर सभा के महामंत्री नाथूलाल पाण्डेय ने कोयला श्रमिकों के अधिकारों और सामाजिक सुरक्षा को लेकर केंद्र सरकार से कई अहम मांगें उठाई हैं। उन्होंने कहा कि कोयला श्रमिक देश की ऊर्जा सुरक्षा की रीढ़ हैं और जोखिमपूर्ण परिस्थितियों में काम कर देश की ऊर्जा जरूरतों को पूरा करते हैं। ऐसे में उनके वेतन, पेंशन, भविष्य निधि, चिकित्सा सुविधा, आवास, रोजगार सुरक्षा और सेवा शर्तों में किसी भी तरह की कटौती या अनिश्चितता स्वीकार नहीं की जा सकती।

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श्रम सुधारों पर श्रमिक संगठनों की भागीदारी जरूरी

नाथूलाल पाण्डेय ने कहा कि यदि श्रम सुधारों का उद्देश्य श्रमिक और उद्योग दोनों के हितों में संतुलन बनाना है, तो श्रमिक संगठनों की भागीदारी अनिवार्य होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि एकतरफा फैसलों से औद्योगिक संबंधों में विश्वास की कमी पैदा होती है।

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कोयला मजदूर सभा की 5 प्रमुख मांगें

1. श्रम संहिताओं की समीक्षा: उन प्रावधानों की व्यापक समीक्षा की जाए, जिन पर हिंद मजदूर सभा सहित केंद्रीय ट्रेड यूनियनों ने गंभीर आपत्तियां दर्ज कराई हैं।

2. स्थायी रोजगार को मिले मजबूती: कोयला उद्योग में स्थायी रोजगार की नीति को मजबूत किया जाए। ठेका श्रमिकों के लिए समान काम के लिए समान वेतन, सुरक्षा और सामाजिक सुरक्षा सुनिश्चित की जाए।

3. सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता: खदानों और औद्योगिक प्रतिष्ठानों में सुरक्षा मानकों को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जाए और श्रमिकों के स्वास्थ्य व जीवन की सुरक्षा के लिए पर्याप्त इंतजाम किए जाएं।

4. सामाजिक सुरक्षा से समझौता नहीं: भविष्य निधि, पेंशन, चिकित्सा सुविधाओं और अन्य सामाजिक सुरक्षा लाभों को किसी भी परिस्थिति में कमजोर नहीं किया जाए।

5. ट्रेड यूनियनों के अधिकार सुरक्षित रहें: ट्रेड यूनियनों की स्वतंत्रता, सामूहिक सौदेबाजी के अधिकार और श्रमिकों की लोकतांत्रिक भागीदारी का पूर्ण संरक्षण किया जाए।

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संघर्ष जारी रखने का ऐलान

नाथूलाल पाण्डेय ने कहा कि कोयला मजदूर सभा श्रमिकों के संवैधानिक और श्रम अधिकारों की रक्षा के लिए लोकतांत्रिक एवं शांतिपूर्ण तरीके से संघर्ष जारी रखेगी। उन्होंने सभी श्रमिक संगठनों से एकजुट होकर श्रमिक हितों, सुरक्षित रोजगार और सामाजिक न्याय की रक्षा के लिए आगे आने का आह्वान किया।

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