कोलकाता | IndustrialPunch : कोल इंडिया लिमिटेड (CIL) की सबसे अधिक लाभ कमाने वाली सहायक कंपनी महानदी कोलफील्ड्स लिमिटेड (MCL) के प्रस्तावित IPO (आरंभिक सार्वजनिक निर्गम) की प्रक्रिया अब आधिकारिक रूप से तेज हो गई है। सूत्रों के अनुसार, अगस्त में कोलकाता में निवेश बैंकों की प्रेजेंटेशन (Banker Pitches) आयोजित की जाएगी, जिसके बाद IPO प्रक्रिया अगले चरण में प्रवेश करेगी।
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करीब ₹10,000 करोड़ के इस प्रस्तावित IPO के तहत Coal India अपनी MCL में अधिकतम 25% हिस्सेदारी चरणबद्ध तरीके से बेच सकती है। हालांकि शुरुआती चरण में लगभग 10% हिस्सेदारी के विनिवेश पर काम किया जा रहा है। यह IPO मुख्य रूप से Offer for Sale (OFS) के माध्यम से लाया जाएगा।
सरकारी सूत्रों के मुताबिक, इस बड़े सार्वजनिक निर्गम के लिए देश के प्रमुख घरेलू और कुछ विदेशी निवेश बैंक प्रस्तुति देंगे। इसके बाद बुक रनिंग लीड मैनेजर (BRLM) और अन्य मध्यस्थों की नियुक्ति की जाएगी, जो IPO को बाजार में लाने की प्रक्रिया का संचालन करेंगे।
MCL, Coal India की सबसे मजबूत सहायक कंपनियों में शामिल है। कंपनी ओडिशा में कई बड़ी ओपनकास्ट और भूमिगत खदानों का संचालन करती है तथा बिजली, इस्पात, सीमेंट और अन्य उद्योगों को बड़े पैमाने पर कोयले की आपूर्ति करती है। सरकार इस लिस्टिंग को सार्वजनिक उपक्रमों से वैल्यू अनलॉक करने और विनिवेश कार्यक्रम को गति देने की रणनीति का अहम हिस्सा मान रही है।
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MCL का IPO केवल एक नई लिस्टिंग नहीं, बल्कि Coal India की वैल्यू अनलॉकिंग रणनीति का सबसे बड़ा कदम माना जा रहा है। यदि IPO तय समय पर आगे बढ़ता है, तो यह देश के सबसे बड़े PSU IPO में से एक हो सकता है और Coal India के शेयरधारकों के लिए भी दीर्घकालिक मूल्य सृजन का अवसर बन सकता है। साथ ही, यह संकेत भी है कि सरकार अब Coal India की अन्य सहायक कंपनियों की लिस्टिंग प्रक्रिया को भी तेज़ी से आगे बढ़ाना चाहती है।
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