नागपुर, 09 जुलाई। 10 केन्द्रीय श्रमिक संगठनों द्वारा आयोजित देशव्यापी आम हड़ताल का कोल सेक्टर खासकर डब्ल्यूसीएल (WCL) में खासा असर देखने को मिला है। यूनियन के अनुसार उत्पादन, प्रेषण और ओवरबर्डन का 95 प्रतिशत कार्य प्रभावित हुआ है।

चार लेबर कोड निरस्त करने सहित केन्द्र की श्रमिक विरोधी नीतियों के खिलाफ 17 सूत्रीय मांगो को लेकर पब्लिक सेक्टर सहित बैंकिंग, इंश्योरेंस, पोस्टल, हाईवे, कंस्ट्रक्शन, स्टेट ट्रांसपोर्ट आदि प्रतिष्ठानों के कर्मचारी कामबंद हड़ताल पर रहेंगे। किसान संगठन भी हड़ताल का समर्थन कर रहे हैं। बताया गया है 25 से 30 करोड़ कर्मचारी हड़ताल पर हैं। इधर, कोल सेक्टर में हड़ताल का असर पड़ा है।

वेस्टर्न कोलफील्ड्स लिमिटेड (WCL) में हड़ताल का व्यापक असर दिखा है। डब्ल्यूसीएल के सभी 10 एरिया में कोयला उत्पादन और डिस्पैच का कार्य प्रभावित हुआ है। ओवरबर्डन के कार्य भी नहीं हो सका।

संयुक्त संघर्ष समिति (HMS, INTUC, CITU, AITUC) से जुड़े लोग भोर से ही हड़ताल को सफल बनाने में जुटे हुए थे। स्थानीस प्रशासन को ज्ञापन भी सौंपने का काम किया गया।

एचएमएस नेता शिवकुमार ने कहा – 100% सफलता मिली
इधर, एमचएमएस के नेता शिवकुमार यादव ने बताया कि डब्ल्यूसीएल में हड़ताल 100% सफल रही है। उत्पादन, डिस्पैच और ओवरबर्डन का कार्य पूरी तरह बाधित रहा। श्री यादव ने बताया डब्ल्यूसीएल में 20,803 का मैनपावर फर्स्ट और जनरल शिफ्ट का है। इसमें 6,759 कामगारों ने हड़ताल के दिन अपनी उपस्थिति दर्ज कराई। इनमें 3000 वो कर्मचारी है जिन्हें रेस्ट डे में दुगना भुगतान किया जाता है। अर्थात भारी वर्षा होने की वजह से इन कामगारों ने कोई कार्य नहीं किया। कंपनी इन्हें बिठाकर दोगुना भुगतान करेगी।









