Tuesday, September 15, 2026
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NTPC Korba में ब्लैकआउट का कारण सामने आया, ब्रेकर टेस्टिंग के दौरान सातों यूनिट ट्रिप

NTPC Korba में Switch Yard में Breaker Testing के दौरान Electrical Fault से सातों यूनिट ट्रिप हो गईं। PR Officer ने बताया कि यूनिटों को एक-एक कर उत्पादन में लाया जा रहा है

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कोरबा। IndustrialPunch : 2600 मेगावाट क्षमता वाले NTPC Korba Plant में शुक्रवार शाम अचानक ब्लैकआउट की स्थिति बनने के मामले में अब इसके कारण की जानकारी सामने आई है। बताया जा रहा है कि  PGCIL Bay में PGCIL द्वारा किए जा रहे ब्रेकर टेस्टिंग के दौरान इलेक्ट्रिकल फॉल्ट आने से संयंत्र की सातों इकाइयां एक साथ ट्रिप हो गईं। यह स्थिति करीब शाम 6:30 बजे से बनी थी।

सातों यूनिट के एक साथ ट्रिप होने से संयंत्र का बिजली उत्पादन प्रभावित हुआ। घटना के बाद तकनीकी टीमों ने स्थिति को सामान्य करने और यूनिटों को दोबारा उत्पादन में लाने की प्रक्रिया शुरू की।

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Switch Yard में Breaker Testing के दौरान आया Fault

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प्राप्त जानकारी के अनुसार, स्विच यार्ड में Circuit Breaker (CB) की टेस्टिंग की जा रही थी। इसी दौरान इलेक्ट्रिकल फॉल्ट आने से प्रोटेक्शन सिस्टम सक्रिय हुआ और संबंधित ब्रेकर ट्रिप हो गया। इसके प्रभाव से पावर प्लांट की यूनिटें ग्रिड से अलग हो गईं और सातों यूनिट ट्रिप की स्थिति में चली गईं।

क्या करता है Circuit Breaker?

पावर प्लांट से उत्पादित बिजली को ग्रिड तक पहुंचाने में स्विच यार्ड की महत्वपूर्ण भूमिका होती है। यहां लगे सर्किट ब्रेकर सामान्य स्थिति में बिजली के प्रवाह को बनाए रखते हैं, जबकि शॉर्ट सर्किट, अर्थ फॉल्ट या ओवरकरंट जैसी स्थिति आने पर सर्किट को तेजी से डिस्कनेक्ट कर उपकरणों की सुरक्षा करते हैं।

Breaker Testing क्यों जरूरी?

ब्रेकर टेस्टिंग का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना होता है कि किसी फॉल्ट की स्थिति में सुरक्षा प्रणाली सही तरीके से काम करे। सामान्य तौर पर इसका क्रम इस तरह होता है :

Electrical Fault → Protection Relay Fault Detect → Trip Command → Breaker Trip → Generator/Unit Grid से Disconnect → Unit Trip

यानी फॉल्ट का पता लगने के बाद प्रोटेक्शन रिले ट्रिप कमांड देता है और सर्किट ब्रेकर खुलकर विद्युत सर्किट को अलग कर देता है।

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देर रात तक सामान्य हो सकती है स्थिति

फिलहाल ट्रिप हुई यूनिटों को क्रमशः उत्पादन में लाने का काम जारी है। जनसंपर्क अधिकारी उष्मा घोष के अनुसार, यदि बहाली की प्रक्रिया निर्धारित तरीके से आगे बढ़ती है तो देर रात तक सभी सातों यूनिटों के उत्पादन में लौटने की संभावना है।

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