कोरबा। IndustrialPunch : छत्तीसगढ़ के कोरबा जिल में स्थित अडानी समूह (Adani Group) के कोरबा पॉवर लिमिटेड के पताड़ी और एसीबी इंडिया लिमिटेड के कसाईपाली थर्मल पावर प्लांट में कोयले का स्टॉक बेहद गंभीर स्तर पर पहुंच गया है। केंद्रीय विद्युत प्राधिकरण (CEA) की 12 सितंबर 2026 की डेली कोल स्टॉक रिपोर्ट के अनुसार, 600 मेगावाट क्षमता वाले पताड़ी TPP में निर्धारित कोयला स्टॉक का केवल 8 प्रतिशत और 270 मेगावाट क्षमता वाले कसाईपाली TPP में सिर्फ 9 प्रतिशत कोयला उपलब्ध है। दोनों संयंत्रों को क्रिटिकल कोल स्टॉक की श्रेणी में दर्ज किया गया है।
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पताड़ी TPP में सबसे गंभीर स्थिति
पताड़ी थर्मल पावर प्लांट की निर्धारित कोयला आवश्यकता 169.6 हजार टन है, जबकि संयंत्र में वास्तविक स्टॉक केवल 13.1 हजार टन दर्ज किया गया है। यह निर्धारित स्टॉक का मात्र 8 प्रतिशत है। रिपोर्ट के अनुसार, संयंत्र की दैनिक कोयला आवश्यकता लगभग 9 हजार टन है और वर्तमान माह का संभावित प्लांट लोड फैक्टर (PLF) 83 प्रतिशत है।
उपलब्ध स्टॉक और दैनिक खपत के बीच बड़ा अंतर होने के कारण पताड़ी संयंत्र में कोयला आपूर्ति का दबाव बढ़ गया है। CEA ने संयंत्र के लिए SECL को उपसमूह योजना के अनुसार कोयला आपूर्ति सुनिश्चित करने का निर्देश दिया है। यदि आपूर्ति में तत्काल सुधार नहीं हुआ तो संयंत्र के संचालन और बिजली उत्पादन पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ सकता है।
हालांकि विद्युत उत्पादन प्रभावित नहीं हुआ है। दूसरी ओर बताया गया है कि 300 मेगावाट वाली एक यूनिट को ओवरहॉल में लेने की तैयारी है। इससे फिलहाल कोयले की खपत कम हो जाएगी।
कसाईपाली TPP में भी सिर्फ 9 प्रतिशत कोयला
वॉशरी रिजेक्ट आधारित कसाईपाली थर्मल पावर प्लांट की स्थिति भी चिंताजनक है। 270 मेगावाट क्षमता वाले इस संयंत्र के लिए निर्धारित कोयला स्टॉक 106 हजार टन है, जबकि वास्तविक उपलब्धता केवल 9.8 हजार टन दर्ज की गई है। यह निर्धारित स्टॉक का लगभग 9 प्रतिशत है।
कसाईपाली TPP की दैनिक कोयला आवश्यकता करीब 5.2 हजार टन दर्ज की गई है। वहीं, वर्तमान माह का संभावित PLF 45 प्रतिशत है। कम स्टॉक के कारण संयंत्र के नियमित संचालन पर दबाव बढ़ गया है। वॉशरी रिजेक्ट आधारित संयंत्र होने के कारण इसके लिए ईंधन की निरंतर और समयबद्ध आपूर्ति विशेष रूप से महत्वपूर्ण है।
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SECL पर आपूर्ति बढ़ाने की जिम्मेदारी
CEA की रिपोर्ट में पताड़ी संयंत्र के लिए SECL को उपसमूह योजना के अनुसार आपूर्ति सुनिश्चित करने का निर्देश दिया गया है। कसाईपाली संयंत्र के मामले में भी कम स्टॉक को देखते हुए अतिरिक्त और नियमित कोयला आपूर्ति की आवश्यकता सामने आई है।
दोनों संयंत्रों में स्टॉक की स्थिति यह संकेत देती है कि यदि कोयले की आवक और दैनिक खपत के बीच संतुलन नहीं बनाया गया, तो आने वाले दिनों में बिजली उत्पादन प्रभावित हो सकता है।
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