नई दिल्ली, 12 नवम्बर। शनिवार को प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने तेलंगाना के रामागुंडम में 9500 करोड़ रुपये से अधिक की कई परियोजनाओं की आधारशिला रखी और उन्हें राष्ट्र को समर्पित किया।

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इस दौरान प्रधानमंत्री कहा कि जब देश विकास करता है, विकास के कार्यों में गति आती है, तो कई बार राजनीतिक स्वार्थ के लिए, कुछ विकृत मानस वाले लोग, कुछ ताकतें अपना अफवाह तंत्र rumours अफवाह तंत्र चलाने लगती हैं, लोगों को भड़काने लगती हैं। तेलंगाना में ऐसी ही अफवाहें आजकल ‘सिंगरेनी कोलयरीज कंपनी लिमिटेड (SCCL)’ और विभिन्न कोल माइंस को लेकर उड़ाई जा रही है। और मैंने सुना है, हैदराबाद से उसको हवा दी जा रही है। उसमें नए-नए रंग भरे जा रहे हैं। मैं आज जब आपके बीच आया हूं, तो मैं कुछ जानकारी आपको देना चाहता हूं कुछ फैक्ट्स आपके सामने रखना चाहता हूं, कुछ तथ्य आपको बताना चाहता हूं। ये अफवाह फैलाने वाले को ये भी पता नहीं है कि ये झूठ उनका पकड़ा जाएगा। सबसे बड़ा झूठ समझिए और यहां पत्रकार मित्र बैठे हैं, जरा बारीकी से देख ले इसको। SCCL में 51% भागीदारी ये तेलंगाना की राज्य सरकार की है, जबकि भारत सरकार की हिस्सेदारी सिर्फ 49 परसेंट है। SCCL के निजीकरण से जुड़ा कोई भी फैसला केंद्र सरकार अपने स्तर पर कर ही नहीं सकती है, 51 परसेंट उनके पास हैं। मैं एक बार फिर दोहराउंगा SCCL के प्राइवेटाइजेशन का कोई प्रस्ताव केंद्र सरकार के पास विचाराधीन नहीं है और न ही केंद्र सरकार का कोई इरादा है। और इसलिए, मैं अपने भाई-बहनों से आग्रह करता हूं कि किसी अफवाह पर जरा भी ध्यान ना दें। ये झूठ के व्यापारियों को हैदराबाद में रहने दें।

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प्रधानमंत्री ने कोयला खदानों के संबंध में देश को त्रस्त करने वाले हजारों करोड़ रुपये के कई घोटालों को याद किया।  उन्होंने कहा कि हम सभी ने, देश में कोल माइंस को लेकर हज़ारों करोड़ रुपए के घोटाले होते देखें हैं। इन घोटालों में देश के साथ ही श्रमिकों, गरीबों और उन क्षेत्रों का नुकसान हुआ, जहां ये माइन्स थीं। आज देश में कोयले की बढ़ती हुई जरूरत को देखते हुए कोल माइंस की पूरी पारदर्शिता के साथ नीलामी की जा रही है। जिस क्षेत्र से खनिज निकल रहा है, उसका लाभ वहां रहने वाले लोगों को देने के लिए हमारी सरकार ने DMF यानि डिस्ट्रिक्ट मिनरल फंड भी बनाया है। इस फंड के तहत भी हजारों करोड़ रुपए राज्यों को रिलीज किए गए हैं।

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