Sunday, July 19, 2026
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रेलवे के अफसरों ने WCL का कोयला खुले बाजार में बेच दिया, CBI ने शुरू की जांच

CBI ने इस मामले में भारतीय न्याय संहिता (BNS) की संबंधित धाराओं और भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत मामला दर्ज किया है।

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नागपुर | IndustrialPunch : केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (CBI) की एंटी करप्शन ब्रांच (ACB), नागपुर ने पश्चिम बंगाल की एक निजी कंपनी, उसके संचालक और दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे (SECR) के अज्ञात अधिकारियों के खिलाफ कथित कोयला गबन और आपराधिक साजिश के मामले में FIR दर्ज की है। आरोप है कि इस मामले में लगभग ₹29 लाख मूल्य के उच्च गुणवत्ता वाले कोयले का दुरुपयोग किया गया।

CBI के अनुसार, मामला नागपुर जिले के डुमरी खुर्द रेलवे साइडिंग से जुड़ा है। जांच एजेंसी का आरोप है कि एम/एस एस.जे. एंटरप्राइजेज और उसके संचालक अमित मैती ने रेलवे अधिकारियों की कथित मिलीभगत से 720 मीट्रिक टन G-12 ग्रेड कोयला निर्धारित उपभोक्ता तक पहुंचाने के बजाय खुले बाजार में बेच दिया।

जांच में सामने आया है कि यह G-12 ग्रेड कोयला वेस्टर्न कोलफील्ड्स लिमिटेड (WCL) द्वारा बिजली उत्पादन कंपनियों को रियायती दर पर उपलब्ध कराया जाता है। CBI का आरोप है कि खुले बाजार में बिक्री से आरोपियों को लगभग ₹28.80 लाख का अनुचित लाभ हुआ, जबकि WCL को समान राशि का नुकसान पहुंचा।

CBI ने इस मामले में भारतीय न्याय संहिता (BNS) की संबंधित धाराओं और भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत मामला दर्ज किया है। जांच की जिम्मेदारी CBI के उप पुलिस अधीक्षक (DSP) स्तर के अधिकारी को सौंपी गई है।

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